फुरकान अंसारी, संवाददाता।
हरिद्वार। राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता के प्रतीक माने जाने वाले डॉ. इन्द्रेश कुमार के विरुद्ध एक स्वामी द्वारा दिए गए कथित अमर्यादित और भ्रामक बयान को लेकर देशभर में रोष का माहौल है। इसी कड़ी में हरिद्वार की पावन भूमि से ‘हिंदुस्तानी पसमांदा मंच’ के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद शमशाद मीर के नेतृत्व में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
संयोजक शमशाद मीर ने दो टूक शब्दों में कहा कि डॉ. इन्द्रेश कुमार जैसे निस्वार्थ और समर्पित राष्ट्रभक्त के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की अपमानजनक भाषा न केवल अनुचित है, बल्कि समाज में वैमनस्य फैलाने का भी कार्य करती है।
मंच की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया कि डॉ. इन्द्रेश कुमार ने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक एकता, राष्ट्र की अखंडता और जनकल्याण के लिए समर्पित किया है। उनके खिलाफ दिया गया बयान पूरी तरह निराधार, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण है। मंच ने आरोप लगाया कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता और सामाजिक कार्यों से घबराकर ही इस प्रकार की अनर्गल बयानबाजी की जा रही है।
मंच ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही इस विवादित बयान पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो देशभर में व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू किया
इस मुद्दे पर देशभर के विभिन्न राज्यों से जुड़े मंच के पदाधिकारियों और समाजसेवियों ने एक स्वर में बयान वापस लेने की मांग की है। समर्थन में आगे आने वाले प्रमुख नामों में समसुद्दीन अंसारी (ऊधम सिंह नगर), मोहम्मद नौशाद (पानीपत), दानिश मलिक (दिल्ली), जाहिद हुसैन (देवास), आकील खान (देहरादून), डॉ. मुरलीधर (फतेहाबाद), बाबा भुट्टे शाह साबरी (पंजाब), अरशद खान व गुलफाम मीर (शामली), हाजी इदरीश मंसूरी (मुस्तफाबाद), रिजवान अंसारी, इदरीश खान व मुकर्रम अली (मुजफ्फरनगर) सहित कई अन्य गणमान्य लोग शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त ताहिर मलिक (सितारगंज), खालिद मलिक (बाजपुर), विक्रम कॉलेट (पंजाब), वसीम खान (मध्य प्रदेश), नूर हसन भाटी (लोनी), शारिक अब्बासी (बरेली), शाहनवाज मलिक (सहारनपुर), डॉ. नसीम अहमद, डॉ. जावेद चारण, इस्लाम अब्बासी, डॉ. ताजुद्दीन अंसारी और मौलाना सदरे आलम नोमानी ने भी इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।


