(फुरकान अंसारी)
हरिद्वार, 13 मई।
बीएचईएल को वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त शानदार लाभ और टर्नओवर के बावजूद श्रमिकों को दिए जाने वाले पी.पी.पी. (प्लांट परफॉर्मेंस पेमेंट) के भुगतान तथा अन्य ज्वलंत मांगों के समाधान हेतु अभी तक जेसीएम (ज्वाइंट कमेटी मीटिंग) की तिथि घोषित न किए जाने से नाराज सैकड़ों श्रमिकों ने बुधवार को भेल मजदूर कल्याण परिषद (बीएमकेपी) इंटक के बैनर तले बीएचईएल कॉरपोरेट प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
शाम करीब 4 बजे सीएफएफपी गेट पर आयोजित विशाल जनसभा में श्रमिकों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीघ्र दो दिवसीय जेसीएम बैठक बुलाने की मांग उठाई। सभा का संचालन संगठन के अध्यक्ष मुकुल राज एवं उपाध्यक्ष प्रशांत दीप गुप्ता ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए संगठन के महामंत्री एवं केंद्रीय नेता राजवीर सिंह ने कहा कि बीएचईएल का वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल टर्नओवर 34,629 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक है। वहीं कंपनी का कर पूर्व लाभ (PBT) 2116 करोड़ रुपये रहा, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 192 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि कंपनी की इस शानदार उपलब्धि में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक पीपीपी भुगतान को लेकर जेसीएम की तिथि घोषित नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
बीएमकेपी इंटक ने प्रबंधन से मांग की कि श्रमिकों को सम्मानजनक पीपीपी भुगतान सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र जेसीएम बैठक आयोजित की जाए। साथ ही श्रमिकों की अन्य लंबित मांगों का भी समाधान किया जाए।
संगठन ने मांग की कि वेज रिवीजन 2017 की सहमति के अनुसार पांच वर्ष पूरे होने के बाद श्रमिकों को पुनः लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा “न्यू इंसेंटिव स्कीम-2024” में सुधार हेतु सब-कमेटी की बैठक शीघ्र बुलाई जाए। भेल हरिद्वार टाउनशिप स्थित केंद्रीय विद्यालय सेक्टर-4 को पूर्व की भांति पूर्ण रूप से संचालित करते हुए कक्षा-1 में प्रवेश प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाए।
संगठन ने यह भी मांग उठाई कि रविवार अथवा अवकाश के दिन कार्य कराने तथा निर्धारित समय से अतिरिक्त कार्य लेने पर श्रमिकों को सी-ऑफ के स्थान पर ओवरटाइम भुगतान दिया जाए। मैक्स अस्पताल देहरादून सहित आसपास के मल्टी स्पेशियलिटी अस्पतालों को भेल हरिद्वार के पैनल में शामिल किया जाए, ताकि कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
इसके अलावा मेडिकल डिपेंडेंसी सीलिंग लिमिट को 1500 रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने तथा वर्ष 2026 में भर्ती किए जाने वाले आर्टिजन्स को टीएसडब्ल्यू कार्यकाल के दौरान पूर्व की भांति 29,500 रुपये कंसोलिडेट वेज देने की मांग भी रखी गई।
प्रदर्शन के बाद संगठन की ओर से प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द जेसीएम बैठक आयोजित नहीं की गई और मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
सभा की अध्यक्षता राजेंद्र चौहान ने की। इस अवसर पर संगठन के कई पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे।


