फुरकान अंसारी, संवाददाता।

हरिद्वार, 23 मार्च 2026।नवरात्र पर्व के पावन अवसर पर हरिद्वार पुलिस की A.H.T.U. (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) टीम ने एक सराहनीय कार्य करते हुए आठ वर्षों से अपने गुमशुदा बच्चों की तलाश में भटक रही मां को उसके बेटे से मिलवा दिया।

बरेली (उत्तर प्रदेश) निवासी ममता के लिए यह दिन जीवन की सबसे बड़ी खुशी लेकर आया। वर्षों पहले, पिता सुरेश की डांट से नाराज होकर उसके 6 वर्षीय पुत्र सोनू और 4 वर्षीय पुत्र मोनू घर से निकल गए थे और फिर वापस नहीं लौटे। दोनों बच्चों की तलाश में माता-पिता ने कई राज्यों और शहरों में भटकते हुए हर संभव प्रयास किए। स्थानीय थाना फरीदपुर, बरेली में गुमशुदगी दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस सफलता नहीं मिल पाई।

हर दिन एक नई उम्मीद के साथ शुरू होता और शाम होते-होते वह उम्मीद धूमिल हो जाती, लेकिन मां की आस कभी खत्म नहीं हुई।

यह लंबा इंतजार तब समाप्त हुआ जब A.H.T.U. हरिद्वार की “ऑपरेशन स्माइल” टीम ने 16 मार्च 2026 को हरिद्वार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर खड़ी बांद्रा एक्सप्रेस से तीन बच्चों को रेस्क्यू किया। काउंसलिंग के दौरान पता चला कि उनमें से एक बच्चा सोनू है।

सोनू द्वारा दी गई सीमित जानकारी के आधार पर टीम ने उत्तर प्रदेश और बिहार के संभावित क्षेत्रों में जांच की। विभिन्न थानों, ग्राम प्रधानों और मल्टीमीडिया माध्यमों से संपर्क किया गया, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी।

अंततः 19 मार्च 2026 को सोनू की मौसी सीता देवी से संपर्क हुआ, जिनसे पता चला कि उसकी मां ममता बच्चों की तलाश में गुजरात गई हुई है। इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से मां और बेटे की बात कराई गई।

आज, आठ वर्षों की जुदाई के बाद मां-बेटे का मिलन हुआ। विधिक प्रक्रिया और काउंसलिंग के बाद बाल कल्याण समिति हरिद्वार के समक्ष कार्रवाई पूरी कर सोनू को उसकी मां ममता के सुपुर्द कर दिया गया।

अपने बेटे से मिलने के बाद ममता की आंखों में खुशी के आंसू और चेहरे पर सुकून साफ झलक रहा था। उन्होंने हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा,

“साहब, एक बेटा तो मिल गया, कृपया मेरे दूसरे बेटे मोनू की तलाश में भी हमारी मदद कीजिए।”

ऑपरेशन स्माइल टीम, हरिद्वार

उपनिरीक्षक (SI) देवेंद्र कुमार

हेड कांस्टेबल (HC) राकेश कुमार

कांस्टेबल दीपक चंद

महिला कांस्टेबल गीता देवी।

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