(फुरकान अंसारी)

हरिद्वार, 5 फरवरी 2026।ईदगाह रोड, ज्वालापुर स्थित मदरसा अरबिया दारुल उलूम रशीदिया में दस्तारे फ़ज़ीलत की रूहानी और इल्मी तक़रीब बड़े अदब-ओ-एहतराम के साथ मुनअक़िद की गई। इस मुक़द्दस महफ़िल में इल्म-ओ-दीनी फ़ैज़ की रौनक़ देखने को मिली।
तक़रीब की निगरानी मदरसा प्रबंधन की जानिब से की गई। इस मौक़े पर मौलाना मोहम्मद आरिफ ने ख़ूबसूरत और असरदार बयान पेश किया। अपने ख़िताब में उन्होंने मुक़द्दस माहे-ए-रमज़ान की अहमियत और फ़ज़ीलत बयान करते हुए कहा कि रमज़ान सब्र, तक़वा और इबादत का महीना है। साथ ही उन्होंने बच्चों को दीनी व असरी तालीम से आरास्ता करने पर ज़ोर देते हुए कहा कि तालीम के बग़ैर किसी भी क़ौम की तरक़्क़ी मुमकिन नहीं।
इस रूहानी तक़रीब में देवबंद से तशरीफ़ लाए मौलाना मोहम्मद राशिद, छुटमलपुर से मौलाना मोहम्मद आसिफ और लाठरदेवा से क़ारी मोहम्मद शमीम की मौजूदगी रही। मदरसा इंतज़ामिया की जानिब से इन तमाम उलमा-ए-किराम की ख़िदमात को सराहते हुए उन्हें इज़्ज़त-ओ-एहतराम के साथ सम्मानित किया गया। उलमा-ए-किराम की शिरकत से तक़रीब की शान और अहमियत में इज़ाफ़ा हुआ।
आख़िर में दुआ के साथ तक़रीब का इख़्तिताम हुआ, जिसमें मुल्क की तरक़्क़ी, अमन-ओ-अमान और उम्मत-ए-मुस्लिमा की सलामती के लिए ख़ुसूसी दुआ की गई। तक़रीब में बड़ी तादाद में उलमा, तलबा और अहले-इलाक़ा के लोग मौजूद रहे।

Share.
Leave A Reply