खोखले पेड़ों का बहाना बनाकर हरे-भरे पेड़ काटने का आरोप, वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल – पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश

(फुरकान अंसारी)
हरिद्वार/ज्वालापुर, 11 दिसंबर।
हरिद्वार नगर निगम वार्ड नंबर 32 ज्वालापुर में रेलवे रोड स्थित सेंट मेरी स्कूल के पास सड़क किनारे लगे हरे-भरे पेड़ों को वन विभाग द्वारा काटे जाने को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। स्थानीय पार्षद अनुज कुमार, क्षेत्रवासियों और पर्यावरण प्रेमियों ने मौके पर विरोध जताया।

सूचना मिलने पर ज्वालापुर कोतवाली से SSI खेमेन्द्र गंगवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

इस्लामिया कादरी ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं समाजसेवी बाबर खान ने बताया कि उन्होंने हरिद्वार रेंज अधिकारी से फोन पर जानकारी प्राप्त की। अधिकारी ने बताया कि स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने दीमक लगे खोखले पेड़ों के गिरने की आशंका बताते हुए लगभग 20 पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी, जिसके लिए विभाग ने केवल 10 खोखले पेड़ों की अनुमति दी। वन विकास निगम द्वारा इन पेड़ों को काटा जा रहा है तथा इनके स्थान पर नए पौधे लगाने का आश्वासन दिया गया है।

लेकिन मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि जिन पेड़ों को काटा गया है, उनमें अधिकांश स्वस्थ, हरे-भरे और मजबूत थे। ये वही पेड़ हैं जिन्हें वर्षों पहले सड़क किनारे पर्यावरण संरक्षण हेतु लगाया गया था। ऐसे पेड़ों को हटाया जाना विभाग की कार्यशैली और दी गई अनुमति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि केवल खोखले पेड़ों के काटने की परमिशन दी गई थी, तो आखिर कौन-सा अधिकारी जांच रिपोर्ट में स्वस्थ पेड़ों को भी खोखला या दीमक-ग्रस्त बताकर अनुमति प्रदान कर गया?

प्रदर्शन कर रहे पर्यावरण प्रेमियों

खोखले पेड़ों की आड़ में हरे भरे पेड़ काटने का वन विभाग के अधिकारियों पर आरोप,

पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश

स्थानीय पार्षद अनुज कुमार का कहना है कि सुबह जब में यहां से गुजर रहा था तो ठेकेदार के मजदूर लोपिंग कर रहे थे। ठेकेदार से एक सुखा पेड़ काटने को कहा तो उसने बोला इसकी परमिशन लेनी होगी । जब शाम को देख गया तो विभाग के कर्मचारियों और ठेकेदार के मजदुरों ने हरे भरे पेड़ो को धराशायी कर दिया है।

पर्यावरण प्रेमी आदित्य शर्मा ने वन विभाग की कार्यशैली को लेकर प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड को शिकायती पत्र प्रेषित किया गया है। शिकायती पत्र में कहा गया कि हरिद्वार वन प्रभाग की हरिद्वार रेंज अधिकारी द्वारा पक्षियों को प्रभावित कर शरण देने की बजाये सांठ गाँठ कर व्यसायिक प्रतिष्ठानों व संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध कालोनियों में खड़े हरे-भरे स्वस्थ्य पेड़ों को दीमक लगा, खोखला होने, या गिरने कि संभावना से दुर्घटना होने की गलत रिपोर्ट दर्शाकर दुकानों के सामने लगे स्वस्थ उक्त पेड़ों और संरक्षित वन में अवैध रूप से बने अवैध मकानों के अंदर लगे पेड़ो को अस्वस्थ्य बताकर रेंज अधिकारी द्वारा गलत रिपोर्ट लगा कर वन विकास निगम द्वारा काटा गया है।

शिकायती पत्र में सेंट मेरी स्कूल, रेलवे रोड ज्वालापुर के पास 7 से 8 हरे भरे स्वस्थ्य पेड़ सडक से काटे जाने, कस्साबान ज्वालापुर संरक्षित वन पटरी में बनी अवैध कलोनी के प्रार्थना पत्र पर भी हरे-भरे 7 से 8 पेड़ काटे जाने,दो पेड़ तो अवैध मकान के आँगन से काटकर और अवैध अतिक्रमण का रास्ता साफ़ कर देने तथा पथरी बीट पदार्था में पेट्रोल पम्प के सामने खड़ा विशाल सिम्बल का पेड़ भी पेट्रोल पम्प कि शोभा बिगाड़ने के चलते सांठ-गांठ से गिरने की सम्भावना बताकर कटवाने के संबंध में जांच कराकर विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया है।

Share.
Leave A Reply