फुरकान अंसारी।
पिरान कलियर। हरिद्वार पुलिस ने नाबालिगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक बार फिर त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया है। कोतवाली पिरान कलियर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर नाबालिग किशोरी के अपहरण के मामले का सफल खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया तथा अपहृत किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया।
जानकारी के अनुसार, 27 जून 2026 को बेड़पुर निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली पिरान कलियर में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री को नितिन उर्फ रामकुमार पुत्र रामपाल निवासी ग्राम सोहलपुर, थाना कलियर शरीफ, जनपद हरिद्वार बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा संख्या 137/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता और नाबालिग की सुरक्षा को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर प्रभारी कोतवाली पिरान कलियर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और संभावित मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन पड़ताल की। बेड़पुर, इमलीखेड़ा, कलियर, रुड़की मार्ग, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन तथा आसपास के बाजार क्षेत्रों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और पारंपरिक पुलिसिंग का भी सहारा लिया गया।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर माजरी चौक, इमलीखेड़ा क्षेत्र में दबिश दी गई, जहां से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके कब्जे से नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह किशोरी को विवाह का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के साथ-साथ पोक्सो अधिनियम की सुसंगत धाराएं भी बढ़ा दी हैं।
बरामद किशोरी को नियमानुसार जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर संरक्षण में भेज दिया गया है। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस टीम में शामिल अधिकारी एवं कर्मचारी
द्विव्येश उपाध्याय, प्रशिक्षु क्षेत्राधिकारी एवं प्रभारी कोतवाली पिरान कलियर
उपनिरीक्षक शहजाद अली
महिला उपनिरीक्षक अंशु चौधरी, कोतवाली रुड़की (विवेचक)
हेड कांस्टेबल बबलू कुमार
महिला होमगार्ड डिम्पल।
नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस सख्त
हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों से जुड़े अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में पोक्सो अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


