फुरकान अंसारी, संपादक।
हरिद्वार, 30 जून 2026। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव वरुण बालियान के नेतृत्व में सहायक श्रम आयुक्त के माध्यम से श्रम आयुक्त, उत्तराखंड सरकार को श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ाने, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने और ट्रेड यूनियनों को मान्यता देने की मांग उठाई गई।
इस अवसर पर वरुण बालियान ने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए ₹13,800 न्यूनतम वेतन निर्धारित किए जाने का शासनादेश श्रमिक वर्ग के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि आज महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिसमें एलपीजी गैस, पेट्रोल, स्कूल फीस, दवाइयों और राशन जैसी आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में श्रमिकों के लिए तय की गई वेतन दरें उनके जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
उन्होंने मांग की कि सिडकुल सहित पूरे उत्तराखंड में अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन ₹20,000, अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए ₹25,000 तथा कुशल श्रमिकों के लिए ₹30,000 निर्धारित किया जाए। वरुण बालियान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर सरकार द्वारा मांगों पर गंभीरता से विचार कर निर्णय नहीं लिया गया, तो हरिद्वार में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
पूर्व पार्षद इसरार सलमानी और पूर्व नगर अध्यक्ष अंकित चौहान ने कहा कि सिडकुल बनने के बाद स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार देने का वादा अब तक पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि स्थानीय युवाओं को रोजगार में उनका अधिकार सुनिश्चित किया जाए।
महिपाल सिंह रावत ने कहा कि सिडकुल की विभिन्न कंपनियों में श्रमिकों का लगातार उत्पीड़न होता रहा है। उन्होंने मांग की कि सभी कंपनियों में पंजीकृत ट्रेड यूनियनों को मान्यता दी जाए, ताकि श्रमिकों की समस्याओं का समाधान प्रबंधन और यूनियन के बीच समन्वय के माध्यम से हो सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्षद प्रतिनिधि शहाबुद्दीन अंसारी, मन्नू, चंद्रेश कुमार, संजय कुमार, अंकुर वर्मा, सुमित पांडे, इम्मी, मोहित चौधरी, बुला चौधरी, अयान, अक्षय नागपाल, कुंवर सिंह बिष्ट, अज्जू, शौकत, जावेद, मोहित, विशाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


