फुरकान अंसारी, संवाददाता।
हरिद्वार पुलिस की रात्रि ड्यूटी के दौरान सतर्कता, मानवता और त्वरित कार्रवाई का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जिसने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नया जीवन दे दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भीमगोडा बैरियर पर तैनात कांस्टेबल बसंत पांडे (चौकी हर की पौड़ी) को एक श्रद्धालु महिला द्वारा सूचना दी गई कि एक बुजुर्ग व्यक्ति सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है।
सूचना मिलते ही कांस्टेबल बसंत पांडे बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने श्रद्धालु महिला के साथ मिलकर तुरंत प्राथमिक उपचार के रूप में CPR देना शुरू किया। उनकी सूझबूझ, साहस और तत्परता का ही परिणाम था कि कुछ ही क्षणों में बुजुर्ग व्यक्ति की सांसें फिर से चलने लगीं।
इसके बाद उन्होंने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर बुजुर्ग को अस्पताल भिजवाया। चिकित्सकों ने भी स्पष्ट किया कि समय पर दिए गए CPR और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण ही बुजुर्ग की जान बच पाई।
यह घटना हरिद्वार पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो समाज में पुलिस के मानवीय चेहरे को उजागर करती है।


