(फुरकान अंसारी)
हरिद्वार, 6 मार्च 2026। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अंतर्गत आने वाली यूकेएचडी-1084 मंडी जामा मस्जिद, ज्वालापुर की नई मस्जिद कमेटी द्वारा अध्यक्ष अनवर अहमद के नेतृत्व में मस्जिद के दुकानदारों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में मस्जिद से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई थी तथा दुकानदारों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी राय और सुझाव भी सुने गए थे।
बैठक के दौरान दुकानदारों ने बताया कि पहले पुरानी कमेटी द्वारा दुकानों का जो किराया हम से लिया जाता था, उसकी जानकारी आम तौर पर सार्वजनिक नहीं की जाती थी। लेकिन अब नई कमेटी द्वारा मस्जिद परिसर में नोटिस बोर्ड लगाकर आमदनी और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है। दुकानदारों ने बताया कि नोटिस बोर्ड पर दुकानों के किराए सहित मस्जिद की आमदनी से संबंधित जानकारी साफ तौर पर लिखी जा रही है, जिससे सभी लोगों को पारदर्शी तरीके से जानकारी मिल रही है।
नई मस्जिद कमेटी ने पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए यह व्यवस्था भी शुरू की है कि हर जुम्मे के दिन मस्जिद की कुल आमदनी और खर्च का पूरा हिसाब नोटिस बोर्ड पर लिखा जाएगा, ताकि नमाजी और क्षेत्र के लोग मस्जिद के कार्यों की जानकारी आसानी से देख सकें।
इसके साथ ही नई कमेटी ने मस्जिद के हाफिज और इमाम साहब की सैलरी में भी बढ़ोतरी की है, ताकि उनकी सेवाओं का सम्मान किया जा सके और वे बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।
इस अवसर पर मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष अनवर अहमद ने सभी नमाजियों और क्षेत्रवासियों को रमजान के तीसरे जुमे की मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि मस्जिद कमेटी का उद्देश्य मस्जिद की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना, पारदर्शिता बनाए रखना और नमाजियों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मस्जिद के सेक्रेटरी शारिक खान ने बताया कि जो कार्य पहले नहीं किए गए थे, उन्हें अब नई कमेटी प्राथमिकता के साथ कर रही है। उन्होंने कहा कि मस्जिद का पूरा हिसाब-किताब सार्वजनिक करना, नोटिस बोर्ड पर जानकारी प्रदर्शित करना, इमाम साहब की सैलरी बढ़ाना और नमाजियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए बेहतर इंतजाम करना कमेटी की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कमेटी का प्रयास है कि मस्जिद में अधिक से अधिक लोग नमाज अदा करने आएं और उन्हें बेहतर माहौल व सुविधाएं मिलें।
मस्जिद कमेटी के सदस्य फुरकान अंसारी ने कहा कि मस्जिद अल्लाह का घर है और इसमें सभी लोग बराबर होते हैं। यहां कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। मस्जिद असल में नमाजियों की होती है और कमेटी का काम केवल उनकी खिदमत करना और मस्जिद की देखभाल करना होता है। उन्होंने कहा कि नई कमेटी का उद्देश्य मस्जिद को एक ऐसा स्थान बनाना है जहां नमाजी पूरी सुकून और व्यवस्था के साथ इबादत कर सकें।
वहीं मस्जिद कमेटी के कोषाध्यक्ष हाजी यासीन ने बताया कि कमेटी द्वारा मस्जिद का बैंक में खाता खोला गया है, जिसमें मस्जिद का सारा चंदा और आय जमा की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगे से मस्जिद से संबंधित सभी लेन-देन बैंक के माध्यम से ही किए जाएंगे, जिससे हिसाब-किताब पूरी तरह पारदर्शी रहेगा और हर चीज का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।
नई मस्जिद कमेटी की इस पहल को क्षेत्र के लोगों और दुकानदारों द्वारा सराहा जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे मस्जिद की व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी तथा पारदर्शिता की नई परंपरा स्थापित होगी। इसे दौरान हाजी मुनफैत अंसारी, हाजी सलाम अंसारी तथा मस्जिद के इमाम कुतुबुद्दीन साहब ने समिति के अध्यक्ष अनवर अहमद, शारिक खान, तौफिक अहमद, यासीन अंसारी, मौलाना मोहम्मद मुआज, सकुना अंसारी, मोहम्मद अहमद, मसरूर, तबरेज अंसारी, फैजान अंसारी, सरफराज अली अंसारी, गिलमाने रसूल, अकरम, इस्लामुद्दीन, अमान अंसारी, नासिर अंसारी तथा पत्रकार फुरकान अंसारी सहित आदि उपस्थित रहे।


