(फुरकान अंसारी)

हरिद्वार, 15 फरवरी 2026। जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज़ाद अली ने हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने वीसी सोनिका मीणा और अधिशासी अभियंता राजन सिंह पर नियमों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से नियुक्ति और कार्य विभाजन करने के आरोप लगाए हैं।

आज़ाद अली का आरोप है कि एचआरडीए में नियुक्तियों और जिम्मेदारियों के वितरण में पारदर्शिता का अभाव है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राजन सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आरएनएन विभाग के अधिकारी थे और पूर्व में वरिष्ठ पद पर तैनात रहे हैं, लेकिन कुंभ मेले के दौरान उन्हें एचआरडीए में अधिशासी अभियंता (एक्शन) के पद पर लाया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजन सिंह कथित रूप से अधिकारियों के लिए “दलाली” का कार्य कर रहे हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। आज़ाद अली ने दावा किया कि राजन सिंह के विरुद्ध एसआईटी और ईडी सहित तीन जांचें चल रही हैं, इसके बावजूद उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वीसी सोनिका मीणा का संरक्षण उन्हें प्राप्त है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।

कांग्रेस पर साधा निशाना

आज़ाद अली ने कांग्रेस पार्टी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार की कथित तानाशाही और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस खुलकर विरोध करने से बच रही है, क्योंकि उन्हें अपनी “फाइलें खुलने” का भय है। उनके अनुसार, विपक्ष जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पा रहा है।

ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग

उन्होंने बताया कि इस मामले में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें मांग की गई है कि राजन सिंह को तत्काल उनके मूल विभाग में वापस भेजा जाए। साथ ही जिन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उनकी फाइलें खोलकर निष्पक्ष जांच कराई जाए।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

आज़ाद अली ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जन अधिकार पार्टी एचआरडीए कार्यालय और वीसी के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे संवेदनशील आयोजन में यदि ऐसे अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाती है तो करोड़ों रुपये के घोटालों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

जन अधिकार पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष करेगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

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