(फुरकान अंसारी)
हरिद्वार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाने से मीटर रीडर बेरोजगार हो जाएंगे और आम जनता को नई तकनीक के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) के अधिकारियों पर एक निजी कंपनी का प्रचार करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए लोगों से अपील की कि वे अपने घरों में स्मार्ट मीटर न लगवाएं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि स्मार्ट मीटर इतने ही लाभकारी हैं तो सबसे पहले इन्हें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के घरों में लगाया जाना चाहिए। युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कैश खुराना ने सवाल उठाया कि अधिकारियों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पुराने मीटरों में ऐसी क्या कमी है, जिसके कारण स्मार्ट मीटर लगाने की आवश्यकता पड़ रही है।
कांग्रेस का तर्क है कि बिना पर्याप्त जानकारी और जागरूकता के स्मार्ट मीटर लगाए जाने से उपभोक्ताओं में भ्रम और असंतोष पैदा हो सकता है।
हालांकि, दूसरी ओर सरकार और बिजली विभाग का मानना है कि स्मार्ट मीटर से बिलिंग में पारदर्शिता आएगी, बिजली चोरी पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं को अपनी खपत की रियल-टाइम जानकारी मिल सकेगी।
अब सवाल यह है कि क्या स्मार्ट मीटर आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनेंगे या फिर यह बिजली व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक जरूरी कदम है। इस मुद्दे पर बहस जारी है।
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