(फुरकान अंसारी)
हरिद्वार। मो. कड़च्छ, ज्वालापुर स्थित श्री गुरु रविदास लीला समिति के 67वें वार्षिकोत्सव समारोह का शुभारम्भ बड़े श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख हर्ष कुमार दौलत एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. अश्वनी कुमार (सीएमआई हॉस्पिटल) द्वारा संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज एवं कलाकारों की आरती-वंदना कर किया गया। इसके साथ ही रविदास लीला का विधिवत शुभारम्भ हुआ।
अतिथियों का भव्य स्वागत
कार्यक्रम में लीला समिति के समस्त सदस्यों द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का माल्यार्पण कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। समिति सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गुरु रविदास के आदर्श आज भी प्रासंगिक – हर्ष कुमार दौलत
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख हर्ष कुमार दौलत ने अपने संबोधन में कहा कि
संत शिरोमणि गुरु रविदास एक महान समाज सुधारक थे, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन प्रेम, समानता, जातिवाद के विरोध और भक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में संत-महात्माओं को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है और गुरु रविदास प्रेम, सद्भावना एवं सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं।
हम सभी को उनके आदर्शों पर चलकर भारतीय संस्कृति को और अधिक गौरवशाली बनाना चाहिए।
मानव सेवा ही सच्चा धर्म – डॉ. अश्वनी कुमार
विशिष्ट अतिथि डॉ. अश्वनी कुमार ने अपने विचार रखते हुए कहा कि
हमें संत शिरोमणि गुरु रविदास द्वारा बताए गए मार्ग पर चलना चाहिए।
संत रविदास ऊँच-नीच, जाति-पात, धार्मिक भेदभाव, साम्प्रदायिकता एवं अस्पृश्यता जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रबल विरोधी थे।
वे कहा करते थे कि सत्य, अहिंसा, धर्म, सदाचार और मानव सेवा ही सच्चे जीवन मार्ग की पहचान है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य रूप से रवि प्रकाश, अशोक, हरदयाल, श्यामल दबौडिए, शिवपाल, योगेंद्र पाल, रवि, विजय पाल सिंह, राजन कुमार, अजय मुखिया, किरणपाल, अरविंद नौटियाल, तीरथपाल रवि, विनोद कुमार, रमेश भूषण, जयंती भूषण, मेहरचंद नौटियाल, कमाल सिंह, महिपाल, कुशलपाल, प्रवीण, पवन दबौडिए, रक्षक लांबा, योगेश कुमार, गोपाल सिंह, अभिषेक कुमार, दीपांशु दबौडिए सहित सैकड़ों महिलाएँ, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित रहे।


