फुरकान अंसारी।
हरिद्वार। कोतवाली नगर पुलिस ने दूधियाबंद बस्ती के पास जंगल में मिले अज्ञात शव के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए एक दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे महिला और मृतक के बीच कथित संबंध तथा महिला पर परिवार छोड़कर साथ आने का दबाव और धमकी वजह बनी। मामले में फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

17 सितंबर की सुबह दूधियाबंद बस्ती के पास जंगल में एक अज्ञात पुरुष का शव बरामद हुआ था। मृतक के पास बिजनौर जाने वाली बस का टिकट मिला था, लेकिन पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं था। पुलिस ने आसपास के थानों और सीमावर्ती जनपदों में शव की पहचान के लिए प्रयास किए। 20 सितंबर को हरिद्वार पहुंचे मृतक के परिजनों ने शव की पहचान गोपाल पुत्र उमा चरण, निवासी नई बस्ती, आबकारी चौकी के निकट, बिजनौर (उत्तर प्रदेश), उम्र करीब 50 वर्ष के रूप में की।

मृतक के बेटे आशु कुमार की तहरीर पर कोतवाली नगर में मुकदमा अपराध संख्या 523/2026, धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर 21 सितंबर को मोतीचूर रेलवे स्टेशन से आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आई हत्या की वजह

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि नरेंद्र की पत्नी का इलाज मेरठ के एक अस्पताल में चल रहा था। इसी दौरान मृतक गोपाल से उसकी जान-पहचान हुई और दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक बाद में दोनों के बीच संबंध बन गए। गोपाल महिला पर अपने परिवार को छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बना रहा था।

पुलिस के अनुसार महिला ने बताया कि गोपाल लगातार फोन कर उसे साथ आने के लिए दबाव देता था तथा अश्लील वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी भी देता था। इससे परेशान होकर महिला ने पूरी बात अपने पति नरेंद्र को बताई। इसके बाद नरेंद्र ने अपनी पत्नी, भाई और गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर गोपाल की हत्या की योजना बनाई।

गंगा घाट पर वार कर हत्या का आरोप

पुलिस के मुताबिक योजना के तहत 16 सितंबर को महिला ने गोपाल को मिलने के लिए हरिद्वार बुलाया। रात में वह उसे गंगा घाट पर लेकर गई। गोपाल के शराब पीकर खाना खाने के बाद सो जाने पर पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने चापड़ और छुरी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने मृतक का मोबाइल फोन और पर्स गंगा में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का चापड़ बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेंद्र पुत्र ओम प्रकाश, निवासी ग्राम मोमिनपुर दर्गो भारेरा, कोतवाली बिजनौर, जनपद बिजनौर (उप्र), उम्र 40 वर्ष और उसकी 36 वर्षीय पत्नी के रूप में हुई है। मामले में फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है।

पुलिस टीम

प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नंद किशोर ग्वाड़ी, उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान, नवीन नेगी, खेमेंद्र गंगवार, अंशुल अग्रवाल, अपर उपनिरीक्षक संदीप वर्मा, हेड कांस्टेबल संजय कुमार पाल, सतीश नौटियाल, कांस्टेबल अजीत तोमर, निर्मल, राकेश कुमार, पवन तथा महिला कांस्टेबल शोभा शामिल रहे।

सहयोगी टीम: सीआईयू प्रभारी नरेंद्र बिष्ट और कांस्टेबल वसीम ने सहयोग किया।

Share.
Leave A Reply