फुरकान अंसारी।
हरिद्वार, 20 सितंबर। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) उत्तराखंड प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को INTUC कार्यालय, 129 टाइप-3, सेक्टर-3, भेल, हरिद्वार में आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ INTUC के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। कार्यकारिणी का आरंभ राष्ट्रगीत और समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।
यह प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह चौहान के पदभार संभालने के बाद आयोजित पहली प्रदेश कार्यकारिणी बैठक थी। इस अवसर पर कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
बैठक में उत्तराखंड में संगठन के विस्तार एवं पुनर्गठन के साथ ही श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं, रोजगार एवं सेवा सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी, समय पर वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण तथा श्रमिकों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यकारिणी ने प्रदेश के सभी जिलों, नगरों, औद्योगिक क्षेत्रों, प्रतिष्ठानों एवं स्थानीय इकाइयों में संगठन को मजबूत करने का निर्णय लिया।
प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह चौहान ने कहा कि संगठन का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक जिले, औद्योगिक क्षेत्र और श्रमिक तक पहुंच बनाना है। श्रमिकों के अधिकारों से जुड़े मामलों को मजबूती से उठाने के साथ ही उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों, सरकार, प्रशासन, औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं प्रबंधन के साथ निरंतर संवाद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि श्रमिक उद्योग की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, रोजगार सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध होना आवश्यक है। INTUC श्रमिकों के हितों से जुड़े इन मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएगा। उन्होंने कहा कि संगठित क्षेत्र के साथ असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी संगठन से जोड़कर उनकी समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाया जाएगा।
बैठक में न्यूनतम मजदूरी एवं निर्धारित वेतन का प्रभावी भुगतान सुनिश्चित कराने, रोजगार एवं सेवा सुरक्षा, सुरक्षित कार्यस्थल, स्वास्थ्य, बीमा, पेंशन, मृतक आश्रितों को रोजगार सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ श्रमिकों तक पहुंचाने तथा श्रम कानूनों के प्रभावी पालन के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनी।
महासचिव संगठन ए.पी. अमोली ने कहा कि जिला एवं स्थानीय इकाइयों को सक्रिय कर श्रमिकों की वास्तविक समस्याओं का डेटा एवं विवरण तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर संबंधित विभागों एवं सरकार के समक्ष समस्याओं को तथ्यात्मक और प्रभावी तरीके से रखा जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष चौहान ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन की ताकत उसके पदों में नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं और श्रमिक साथियों की एकजुटता में है। उन्होंने प्रदेशभर में संगठन को मजबूत करने और श्रमिकों की समस्याओं को स्थानीय इकाई से प्रदेश स्तर तक उठाने पर जोर दिया।
बैठक में अनिल कुमार, जनार्दन सिंह, साधुराम, महेंद्र शर्मा, दिनेश, संतोष सिंह, विनोद कवि, मनोज पंत, कलीम अहमद, दीप चंद्र पाठक, नवीन गिरी, पंकज छेत्री, लवेंदर चिल्वाल, सरदार गुरदयाल सिंह, वीरेंद्र सिंह नेगी, बलेश, ओ.पी. सुदी, तेजेंद्र सिंह रावत, रविनंदन कुमार, जगदीश बहुगुणा, देव सिंह पवार, अनूप सिंह बिष्ट, विनोद उप्रेती, अरविंद राजपूत, अमन सियाल, हिमांशु नेगी, ऋषिराज पैन्यूली, अश्विनी चौहान, संदीप चौहान, राजेंद्र चौहान, राकेश चौहान, मुकुल राज, आशुतोष, प्रशांत गुप्ता, रविंद्र कुमार, सुनील कुमार, संजय शर्मा, विपिन केसला, इम्तियाज, कपिल राणा, मनोज यादव, संदीप जोशी, वैभव, विपिन, दिव्य, सागर चौहान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में कार्यकारिणी सदस्यों ने श्रमिकों की एकजुटता, अधिकारों, सम्मान, सुरक्षित रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रदेशभर में संगठित होकर कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक का संदेश रहा— “एकजुट श्रमिक—मजबूत संगठन—सुरक्षित भविष्य।”


