फुरकान अंसारी।
हरिद्वार। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए कथित हमले के विरोध में भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने आक्रोश जताया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अमरीश कपिल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि 13 सितंबर को चंद्रशेखर आजाद एक पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान शाहबपुर टोल गेट पर उनके काफिले को रोककर कथित रूप से हमला किया गया। संगठन के अनुसार, घटना में कई पदाधिकारी घायल हुए तथा वाहनों में तोड़फोड़ की सूचना भी सामने आई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी निर्वाचित सांसद के काफिले को रोककर हमला किया जाना गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
हाजी तौफीक अहमद ने जताया आक्रोश
आजाद समाज पार्टी से जुड़े रानीपुर विधानसभा क्षेत्र के भावी विधायक दावेदार हाजी तौफीक अहमद ने घटना पर कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा कि चंद्रशेखर आजाद केवल एक राजनीतिक दल के नेता नहीं, बल्कि वंचित, शोषित और बहुजन समाज की आवाज हैं। उनके काफिले पर हमला किया जाना गंभीर चिंता का विषय है।
हाजी तौफीक अहमद ने कहा कि सरकार और पुलिस प्रशासन को मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा की समीक्षा कर उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाए तथा उन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने पर आवश्यक निर्णय लिया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
ज्ञापन में उठाए तीन प्रमुख सवाल
भीम आर्मी ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार एवं पुलिस प्रशासन से तीन प्रमुख सवालों का जवाब मांगा। संगठन ने पूछा कि चंद्रशेखर आजाद के काफिले को शाहबपुर टोल पर क्यों रोका गया, कथित हमलावर कौन थे और उनकी तत्काल गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई तथा पुलिस की मौजूदगी में घटना कैसे घटित हुई।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मामले की शीघ्र निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो भीम आर्मी भारत एकता मिशन एवं आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
हाजी तौफीक अहमद ने कहा कि यह मामला केवल एक नेता की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और उनके संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अमरीश कपिल, आमिर, किरण कर्णवाल, हाजी तौफीक अहमद, अर्जुन कुमार, मनीष कुमार, रविंद्र कुमार, डॉ. आमिर, देवेंद्र, विशाल, रॉबिन, रोहित, निखिल, सन्नी, सावन, आयुष, मोनू, कड़वा सिंह और रिंकी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


