मेला क्षेत्र को 2 सुपर जोन, 14 जोन और 44 सेक्टरों में बांटा गया, लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम।

फुरकान अंसारी।
हरिद्वार। सोमवती अमावस्या स्नान पर्व-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए हरिद्वार पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। लाखों श्रद्धालुओं के हरकी पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

इसी क्रम में ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज स्थित सभागार में पुलिस अधीक्षक यातायात/अपराध निशा यादव ने स्नान पर्व में ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ब्रीफिंग की। इस दौरान उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को आपसी समन्वय बनाए रखने, महत्वपूर्ण सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान करने तथा अपने-अपने ड्यूटी क्षेत्र में पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

सोमवती अमावस्या के धार्मिक महत्व को देखते हुए मेला क्षेत्र को 2 सुपर जोन, 14 जोन और 44 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। संपूर्ण मेला क्षेत्र की जिम्मेदारी एसपी सिटी को सौंपी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस के साथ जल पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), श्वान दल, अभिसूचना इकाई और सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी पैनी नजर

ब्रीफिंग के दौरान एसपी ट्रैफिक निशा यादव ने पुलिसकर्मियों को एंटी-सबोटाज चेकिंग, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की जांच, अफवाहों की रोकथाम और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। रेलवे स्टेशन, हरकी पैड़ी एवं प्रमुख स्नान घाटों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया।

उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी संदिग्ध वस्तु के दिखाई देने पर पुलिसकर्मी घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल बीडीएस टीम एवं श्वान दल से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। जनपद में प्रवेश करने और बाहर जाने वाले वाहनों की भी सघन चेकिंग की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपनी ड्यूटी की जिम्मेदारियों को भली-भांति समझें और ड्यूटी के दौरान अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन का प्रयोग न करें। साथ ही, सभी पुलिसकर्मियों को अपने निकटवर्ती ड्यूटी कर्मियों, जोनल एवं सेक्टर प्रभारियों तथा महत्वपूर्ण अधिकारियों के मोबाइल नंबर अपने पास रखने को कहा गया।

भीड़ बढ़ने पर वैकल्पिक घाटों की ओर किया जाएगा डायवर्ट

हरकी पैड़ी एवं प्रमुख स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की स्थिति में उन्हें अन्य घाटों की ओर डायवर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। घाटों पर स्नान के दौरान श्रद्धालुओं के फिसलने, डूबने अथवा बहने जैसी घटनाओं से बचाव के लिए जल पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

हरकी पैड़ी की ओर आने वाले पुलों के दोनों किनारों पर तैनात पुलिसकर्मियों को रस्से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अचानक भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को नियंत्रित करते हुए सुरक्षित रूप से अन्य घाटों की ओर भेजा जा सके।

स्नान पर्व के दिन सुबह 2 बजे घाटों पर सो रहे श्रद्धालुओं को जगाकर घाट खाली कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे श्रद्धालु सुगमता से स्नान कर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सकें।

जेबकतरों और उठाईगिरों पर रहेगी विशेष निगरानी

भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जेबकतरों एवं उठाईगिरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मियों को लगातार भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर अभिसूचना कर्मियों की तैनाती कर महत्वपूर्ण सूचनाएं तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया है।

इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पूर्व में जारी ट्रैफिक प्लान का प्रभावी ढंग से पालन कराने, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने तथा मुख्य मार्गों पर वाहनों की अनावश्यक पार्किंग रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

एसपी ट्रैफिक ने कहा कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों का व्यवहार आमजन एवं श्रद्धालुओं के प्रति शालीन और जिम्मेदार होना चाहिए। सभी जोनल एवं सेक्टर प्रभारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को ड्यूटी के संबंध में विस्तार से ब्रीफ करें तथा किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

व्यापक पुलिस बल की तैनाती

सोमवती अमावस्या स्नान पर्व को लेकर हरिद्वार में पुलिस एवं सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में 2 अपर पुलिस अधीक्षक, 7 पुलिस उपाधीक्षक, 23 निरीक्षक/थानाध्यक्ष/वरिष्ठ उपनिरीक्षक, 73 उपनिरीक्षक/सहायक उपनिरीक्षक, 11 महिला उपनिरीक्षक और 206 मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त 58 महिला मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी, 8 यातायात पुलिसकर्मी, 2 यातायात निरीक्षक, 16 यातायात उपनिरीक्षक एवं सहायक उपनिरीक्षक, 26 यातायात मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी तथा अभिसूचना इकाई के 10 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था में बीडीएस एवं डॉग स्क्वॉड की 2 टीमें, घुड़सवार पुलिस की 4 टीमें, जल पुलिस के 16 जवान, पीएसी की 3 कंपनियां एवं 1 प्लाटून, पीटीसी के 157 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक, 40 रिक्रूट आरक्षी, पीएसी के 100 जवान, 250 होमगार्ड, 250 पीआरडी जवान और अग्निशमन विभाग के 14 कर्मचारी भी शामिल हैं।

बिछड़े श्रद्धालुओं की सहायता के लिए खोया-पाया केंद्र

स्नान पर्व के दौरान मेला क्षेत्र में परिजनों से बिछड़ने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सीसीआर में खोया-पाया केंद्र स्थापित किया गया है। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे स्नान के दौरान निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से तत्काल संपर्क करें।

पुलिस प्रशासन का उद्देश्य सोमवती अमावस्या स्नान पर्व को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के गंगा स्नान कर सकें।

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