फुरकान अंसारी।

हरिद्वार। चैनराय महिला अस्पताल परिसर स्थित 200 बेड के मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान गर्भवती महिला की मौत के मामले को लेकर जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) ने विरोध जताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

मंगलवार को पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली। हेमा भंडारी ने आरोप लगाया कि अस्पताल में तैनात अधिकारियों ने मामले की जिम्मेदारी लेने के बजाय इसे NPPL कंपनी का मामला बताते हुए बात टालने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि करीब 39 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अस्पताल गरीब महिलाओं को निशुल्क और सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया था। लेकिन PPP मोड पर संचालन के बाद अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों, एनेस्थीसिया स्टाफ और इमरजेंसी ब्लड बैंक जैसी आवश्यक सुविधाओं की कमी के आरोप सामने आ रहे हैं।

जन अधिकार पार्टी ने महिला की मौत की मजिस्ट्रेट अथवा उच्चस्तरीय मेडिकल जांच, ऑपरेशन थिएटर को तत्काल सील करने, NPPL का PPP समझौता रद्द कर अस्पताल का संचालन सरकार के हाथों में लेने, पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा देने तथा दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने जिलाधिकारी से सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की।

पार्टी के हरिद्वार सोशल मीडिया प्रभारी अमन जैन और युवा नगर अध्यक्ष समर सक्सैना ने चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर प्रशासन ने मामले में कार्रवाई नहीं की तो जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेगी।

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