फुरकान अंसारी।

देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ते नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और एसटीएफ ने आम लोगों को भी अभियान से जोड़ने की पहल की है। नशा तस्करी, अवैध नशीली दवाओं के भंडारण-बिक्री या नशे की फैक्ट्री की सटीक सूचना देने वालों को सरकार की ओर से 30 हजार रुपये से लेकर ढाई लाख रुपये तक का इनाम दिया जा सकता है। खास बात यह है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

एसटीएफ ने सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर बिना किसी संकोच के पुलिस या एसटीएफ को सूचना दें।

एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक, मुखबिरों से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिथौरागढ़ के साथ ही रुड़की, भगवानपुर, सेलाकुई और कोटद्वार में नशे से जुड़ी अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

संदिग्ध गतिविधियों पर रखें नजर

किसी घर, गोदाम या अन्य स्थान से तेज रासायनिक गंध आना, देर रात संदिग्ध लोगों की आवाजाही, बार-बार अज्ञात वाहनों या डिलीवरी का पहुंचना अथवा खिड़कियों का हमेशा बंद रहना जैसी गतिविधियां संदिग्ध हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस या एसटीएफ को सूचना दी जा सकती है।

इन नशीले पदार्थों की सूचना पर निर्धारित है इनाम

मॉर्फीन बेस: 20 हजार रुपये प्रति किलोग्राम

अफीम: 6 हजार रुपये प्रति किलोग्राम

चरस: 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम

गांजा: 600 रुपये प्रति किलोग्राम

एम्फैटेमिन: 20 हजार रुपये प्रति किलोग्राम

इसके अलावा नशा तस्कर अथवा अवैध नशे की फैक्ट्री पकड़वाने में मददगार सूचना पर अधिकतम ढाई लाख रुपये तक का इनाम दिया जा सकता है।

सूचना देने के लिए पुलिस ने जारी किए नंबर

एसटीएफ हेल्पलाइन: 0135-2656202

मोबाइल: 9412029536

सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

🇮🇳 नशा पकड़ाओ, इनाम पाओ 🇮🇳

हमें चाहिए—नशामुक्त उत्तराखंड।

पुलिस ने प्रदेशवासियों से नशे के खिलाफ इस मुहिम में सहयोग करने की अपील की है। समय पर दी गई एक सटीक सूचना नशे के कारोबार पर रोक लगाने के साथ-साथ युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।(k.r.)

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