फुरकान अंसारी।
लक्सर,11/06/2026। हरिद्वार पुलिस ने साइबर अपराध के एक नए मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए उन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो CSC सेंटरों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को खपाने के लिए कर रहे थे। कोतवाली लक्सर पुलिस, CIU रुड़की और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹1.48 लाख नकद और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में खुलासा हुआ कि आरोपी विशेष APK फाइलों, QR कोड और स्कैनर कोड के माध्यम से साइबर ठगी की धनराशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर उसकी वास्तविक ट्रेल को छिपाने का काम करते थे।
ऐसे करते थे ठगी की रकम की लेयरिंग
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य विभिन्न CSC सेंटर संचालकों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के QR कोड अपने साथियों को उपलब्ध कराते थे। साइबर ठगी से प्राप्त रकम सीधे इन खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद संचालकों से नकद राशि लेकर उसे विभिन्न कैश डिपॉजिट मशीनों (CDM) के जरिए अन्य खातों में जमा कराया जाता था, जिससे जांच एजेंसियों के लिए धन के वास्तविक स्रोत तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।
आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को भावनात्मक कहानियां सुनाकर अपने झांसे में लेते थे। कभी वाहन चालान भरने तो कभी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का बहाना बनाकर नकद धनराशि हासिल करते थे। बाद में संबंधित खातों में संदिग्ध लेनदेन होने के कारण खाते फ्रीज हो जाते थे और पीड़ितों को ठगी का एहसास होता था।
शिकायत के बाद खुला राज
10 जून 2026 को ग्राम दाबकी कला निवासी मनीष कुमार और सुशील कुमार ने कोतवाली लक्सर में शिकायत दर्ज कराई कि कुछ व्यक्तियों ने उनसे क्रमशः ₹91 हजार और ₹80 हजार नकद लिए तथा उनके खातों में संदिग्ध माध्यम से धनराशि जमा कराई। बाद में बैंक खाते फ्रीज होने पर उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी मिली।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट के विश्लेषण के दौरान कई QR कोड और स्क्रीनशॉट मिले, जिनका मिलान शिकायतकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों से किया गया।
दो आरोपी गिरफ्तार, नकदी और मोबाइल बरामद
पुलिस टीम ने 11 जून को कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल दो आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकित चौहान (29 वर्ष) पुत्र मुल्तान सिंह निवासी ग्राम शाहपुर, थाना बेहट, जिला सहारनपुर तथा विशाल चौहान (28 वर्ष) पुत्र पवन सिंह निवासी ग्राम शाहपुर, थाना बेहट, जिला सहारनपुर के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹1.48 लाख नकद और घटना में प्रयुक्त POCO Blue मोबाइल फोन बरामद किया है। नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस की अपील
हरिद्वार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते, QR कोड, यूपीआई आईडी या अन्य वित्तीय संसाधनों का उपयोग किसी को न करने दें। किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन या साइबर धोखाधड़ी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों को देखते हुए लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।


