फुरकान अंसारी।
हरिद्वार,11/06/2026। पिरान कलियर दरगाह क्षेत्र से सात माह के मासूम बच्चे के अपहरण के सनसनीखेज मामले का हरिद्वार पुलिस ने मात्र चार दिनों में खुलासा कर दिया। पुलिस ने अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद करते हुए एक दिव्यांग महिला और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बच्चे को भीख मांगने के दौरान लोगों की सहानुभूति हासिल कर अधिक पैसे कमाने के लालच में अगवा किया था।
जानकारी के अनुसार, सात जून को कलियर निवासी कलसूम खातून ने पुलिस को सूचना दी थी कि दरगाह परिसर में नमाज अदा करने के दौरान उनके सात माह के नाती मोहम्मद अली रजा को कोई अज्ञात व्यक्ति उठा ले गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने दरगाह परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक संदिग्ध युवक बच्चे को गोद में लेकर बाहर जाता दिखाई दिया। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सोशल मीडिया और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान की।
लगातार चार दिनों तक चली तलाश के बाद पुलिस टीम ने गुरुवार को लक्सर रेलवे स्टेशन के पास से एक दिव्यांग महिला और समीर उर्फ सोनू उर्फ बड़ा नामक युवक को बच्चे के साथ भीख मांगते हुए पकड़ लिया। महिला की बैसाखियों और बच्चे के दोनों हाथों में छह-छह उंगलियां होने के कारण पुलिस ने तुरंत उसकी पहचान कर ली। इसके बाद बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।
एक सप्ताह तक रखी थी बच्चे पर नजर
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दिव्यांग महिला वर्षों से भीख मांगकर जीवनयापन कर रही थी। उसने दरगाह परिसर में देखा कि छोटे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगने वालों को अधिक पैसे मिलते हैं। इसके बाद उसने अपने साथी समीर के साथ मिलकर बच्चे के अपहरण की योजना बनाई। दोनों ने करीब एक सप्ताह तक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला और उसके बच्चे पर नजर रखी और मौका मिलते ही बच्चे का अपहरण कर लिया।
मां को मिला उसका लाल
हरिद्वार पुलिस की तत्परता से मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया। बच्चे के मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया। एसएसपी नवनीत सिंह ने मामले के सफल खुलासे पर पूरी पुलिस टीम की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
गिरफ्तार आरोपी
समीर उर्फ सोनू उर्फ बड़ा (22 वर्ष), निवासी गोल्डन कॉलोनी, लंढौरा, कोतवाली मंगलौर, हरिद्वार।
एक 45 वर्षीय दिव्यांग महिला।
पुलिस आरोपियों के खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई कर रही है।


