72 घंटे में बच्चा चोरी गिरोह का पर्दाफाश, दो महिलाओं समेत छह गिरफ्तार,हरिद्वार पुलिस ने तीन वर्षीय मासूम को सकुशल बरामद किया, दिल्ली से चोरी हुआ एक अन्य बच्चा भी मिला
फुरकान अंसारी।
हरिद्वार,10/06/2026। कप्तान नवनीत सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर अंतरराज्यीय बच्चा चोरी एवं मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरोह के दो महिला सदस्यों सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए अपहृत तीन वर्षीय बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही पूछताछ के दौरान दिल्ली से चोरी किए गए एक अन्य मासूम बच्चे को भी बरामद किया गया है।
जानकारी के अनुसार, 6 जून 2026 को बैरागी कैंप स्थित झुग्गी-झोपड़ी निवासी विनोद सोलंकी ने कोतवाली कनखल में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी तीन वर्षीय पुत्री राधिका को कोई अज्ञात व्यक्ति उठा ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली कनखल पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
एसएसपी नवनीत सिंह ने स्वयं पूरे प्रकरण की मॉनिटरिंग करते हुए कई पुलिस टीमों का गठन किया और हर घंटे प्रगति रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए। पुलिस ने फिरौती की संभावना कम होने के कारण बच्चा चोरी गिरोह और पुरानी रंजिश समेत विभिन्न पहलुओं पर जांच केंद्रित की।
सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज और डंप डाटा ने खोला राज
पुलिस टीमों ने लगातार तीन दिनों तक सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, डंप डाटा का विश्लेषण किया तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। डिजिटल और मैनुअल पुलिसिंग के समन्वय से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस बच्चा चोरी गिरोह तक पहुंचने में सफल रही।
हरिद्वार और उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ छापेमारी से घबराए गिरोह के अन्य सदस्य अपहृत बच्ची को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर लावारिस छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर हरिद्वार पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची और बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में खुला बड़ा नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ने 24 मई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक अन्य बच्चे का भी अपहरण किया था। आरोपी उसे डेढ़ लाख रुपये में बेच चुके थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बदायूं से लगभग डेढ़ वर्षीय बालक कार्तिक को भी सकुशल बरामद कर लिया। इस संबंध में दिल्ली पुलिस को भी अवगत कराया गया है।
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य निसंतान दंपतियों की तलाश कर चोरी किए गए बच्चों का दो से पांच लाख रुपये तक में सौदा करते थे। गिरोह में बच्चों को चुराने, उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने, ग्राहक तलाशने और फर्जी माता-पिता बनकर सौदा कराने तक की जिम्मेदारियां अलग-अलग सदस्यों में बंटी हुई थीं।
महिला आरोपी तय करती थीं बच्चों की कीमत
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद आकिल और प्रीति शर्मा गिरोह के मुख्य सदस्य हैं। दोनों बच्चों की कीमत तय करने और उन्हें अपना या अनाथ बताकर बेचने का काम करते थे। मामले में मानव तस्करी की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने मोहम्मद आकिल, नसीमा, जुल्फिकार, धर्मेंद्र कुमार, प्रीति शर्मा और शिवा सिंह उर्फ गौरव को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के तार उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड तक फैले हुए पाए गए हैं।
दो मासूमों को दिलाई नई जिंदगी
पुलिस ने तीन वर्षीय राधिका और डेढ़ वर्षीय कार्तिक को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया है। मासूम बच्ची की बरामदगी के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त किया।
इस उल्लेखनीय सफलता पर एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि यह केवल एक आपराधिक मामले का खुलासा नहीं, बल्कि एक मां से किया गया वादा पूरा करने का संतोष भी है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार पुलिस भविष्य में भी बच्चों की सुरक्षा और मानव तस्करी जैसे अपराधों के खिलाफ इसी दृढ़ता से कार्रवाई जारी रखेगी।


