(फुरकान अंसारी)
हरिद्वार। कांग्रेस युवा नेता वरूण बालियान ने सिडकुल क्षेत्र में श्रमिकों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि करीब 95 प्रतिशत मजदूर ठेकेदारी प्रथा के तहत काम करने को मजबूर हैं। वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर श्रमिकों को सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना पड़ रहा है, जो बेहद गंभीर विषय है।
प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में वरूण बालियान ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि समय रहते मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से लेते, तो कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता नहीं अपनाना पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार, कंपनियां और कुछ जनप्रतिनिधि मिलकर मजदूरों का शोषण कर रहे हैं, जबकि अधिकारियों को पूरी जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि सिडकुल की बड़ी कंपनियों में कंपनी बेस पर नियुक्त कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, जबकि ठेके पर कार्यरत मजदूर न्यूनतम वेतन तक से वंचित हैं। बालियान ने याद दिलाया कि सिडकुल स्थापना के समय 70 प्रतिशत स्थानीय और 30 प्रतिशत बाहरी लोगों को रोजगार देने की सहमति बनी थी, लेकिन अब इस व्यवस्था को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
वरूण बालियान ने मांग की कि मजदूरों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम और बोनस का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय स्तर पर मजदूरों को न्याय नहीं मिला तो इस मुद्दे को राजधानी देहरादून तक उठाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि मजदूरों के आंदोलन को भटकाने का प्रयास भी किया जा रहा है, जिससे श्रमिकों को सावधान रहने की जरूरत है।
प्रेस वार्ता के दौरान युवा इंटक जिला अध्यक्ष महिपाल सिंह, चंद्रेश कुमार, अशोक गिरी, पूर्व पार्षद इसरार सलमानी, पार्षद विवेक भूषण विक्की, अंकित चौहान, अज्जू खान, जावेद खान, कैश खुराना, अयान, विकास कुमार, राजकिशोर समेत कई लोग मौजूद रहे।


