(फुरकान अंसारी)

देहरादून के एकता विहार धरना स्थल पर स्थाई राजधानी गैरसैण संघर्ष समिति द्वारा गैरसैण को उत्तराखंड की स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन को जन अधिकार पार्टी – जनशक्ति पूर्ण समर्थन देती है।  

 

आज पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पर पहुंचा और आंदोलनरत सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें समर्थन पत्र सौंपा। 

 

पार्टी का मानना है कि गैरसैण उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन की मूल भावना का प्रतीक है। 24 वर्षों बाद भी गैरसैण को स्थाई राजधानी का दर्जा न मिलना राज्य की जनता, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों के साथ अन्याय है। भाजपा और कांग्रेस दोनों सरकारों ने गैरसैण के नाम पर केवल राजनीति की है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।  

 

*जन अधिकार पार्टी की मांगें:*  

1. गैरसैण को अविलंब उत्तराखंड की स्थाई राजधानी घोषित किया जाए।  

2. गैरसैण में विधानसभा का नियमित सत्र आयोजित कर सभी विभागों के मुख्यालय स्थानांतरित किए जाएं।  

3. पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए गैरसैण में सचिवालय स्थापित किया जाए।  

 

पार्टी राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी ने कहा, “गैरसैण केवल एक जगह नहीं, उत्तराखंड के शहीदों के सपनों का प्रतीक है। देहरादून में बैठी सरकारें पहाड़ की पीड़ा नहीं समझ सकतीं। जब तक गैरसैण राजधानी नहीं बनती, पहाड़ का पलायन नहीं रुकेगा।”  

 

जन अधिकार पार्टी – जनशक्ति इस आंदोलन में संघर्ष समिति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। यदि सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती तो पार्टी प्रदेशव्यापी जनजागरण अभियान चलाएगी।

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