फुरकान अंसारी संपादक।

हरिद्वार, ज्वालापुर। जमीनी विवाद में हुई रवि चौहान हत्याकांड का हरिद्वार पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की हत्या सुपारी देकर कराई गई थी। हत्या में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि हत्या की साजिश रचने वाले चाचा-भतीजे की तलाश जारी है।

पत्नी ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी

17 अप्रैल 2026 को ज्वालापुर निवासी एक महिला ने कोतवाली ज्वालापुर में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति रवि चौहान (45), पुत्र वेद प्रकाश, निवासी सीतापुर, घर से बिना बताए कहीं चले गए हैं और उनका कोई पता नहीं चल पा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की।

रानीपुर झाल में मिला शव

पुलिस टीम लगातार रवि चौहान की तलाश में जुटी रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 19 अप्रैल 2026 को रवि चौहान का शव रानीपुर झाल से बरामद हुआ। शव की स्थिति संदिग्ध होने पर पुलिस को हत्या की आशंका हुई और मामले की गहन जांच शुरू की गई।

डिजिटल साक्ष्यों से खुला राज

जांच के दौरान पुलिस को डिजिटल साक्ष्य मिले, जिनसे पता चला कि दो युवक मोटरसाइकिल पर रवि चौहान को बीच में बैठाकर हरिलोक तिराहा होते हुए रानीपुर झाल की ओर ले गए थे। संदिग्धों की पहचान के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया।

सूचना मिली कि संदिग्धों में से एक ज्वालापुर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर नदीम है। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, जहां उसने अपने साथी दानिश अली के साथ मिलकर हत्या की बात कबूल कर ली।

डेढ़ लाख रुपये की सुपारी में हुई हत्या

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें सीतापुर निवासी चाचा-भतीजे ने डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर रवि चौहान की हत्या करने के लिए कहा था। आरोपियों ने पहले मृतक को शराब पिलाई, फिर मारपीट कर गला घोंट दिया। इसके बाद शव को नहर किनारे रानीपुर झाल पर फेंक दिया।

जमीनी विवाद बना हत्या की वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि रवि चौहान को उनके भाई ने कुछ जमीन उपहार में दी थी। इसी बात से भाई का दामाद नाराज था और लंबे समय से परिवार को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।

विवाद कम करने के लिए मृतक ने आरोपी रिश्तेदार के नाम एक प्लॉट भी कर दिया था, लेकिन लालच खत्म नहीं हुआ। जमीन विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई और सुपारी देकर हत्या कराई गई।

हत्या में इस्तेमाल बाइक और नकदी बरामद

पुलिस ने आरोपी नदीम और दानिश अली को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल तथा सुपारी की रकम में से बची ₹61,000 नकद बरामद की गई है।

गुमशुदगी के मुकदमे को हत्या की धाराओं में परिवर्तित कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

फरार साजिशकर्ताओं की तलाश जारी

हत्या की सुपारी देने वाले चाचा-भतीजे फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

गिरफ्तार आरोपी

नदीम पुत्र मोहम्मद कुरैशी, निवासी कस्साबान, ज्वालापुर, हरिद्वार, उम्र 27 वर्ष

दानिश अली पुत्र नजीर अहमद, निवासी कस्साबान, ज्वालापुर, हरिद्वार, उम्र 23 वर्ष

आरोपी नदीम का आपराधिक इतिहास

हत्या, लूट और साक्ष्य मिटाने सहित कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज

गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई

आर्म्स एक्ट और लूट से जुड़े मामलों में पूर्व में गिरफ्तारी

पुलिस टीम

प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक हर्ष अरोड़ा, उपनिरीक्षक समीप पांडे, अंशुल अग्रवाल, मनीष भंडारी, अपर उपनिरीक्षक राकेश सिंह, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र, कांस्टेबल नवीन क्षेत्री और संदीप शामिल रहे।

सीआईयू टीम

निरीक्षक नरेंद्र बिष्ट एवं कांस्टेबल वसीम ने जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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