फुरकान अंसारी संवाददाता।
हरिद्वार/लक्सर। कोतवाली क्षेत्र के गांव रणासूरा न्याय पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांव मुकरपुर में लंबे समय से चल रहे जल निकासी विवाद का आखिरकार आज समाधान हो गया। जिसमें तहसील प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर नापतोल (पैमाइश) की और पानी की निकासी के लिए रास्ता साफ करा दिया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणदरा बताया गया कि गांव में पानी की निकासी को लेकर विवाद काफी समय से चल रहा था जिसमें बरसात के पानी और गांव के निकासी की नालियों के न होने से पानी निकालने क परेशानी हो रही थी और रास्तों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही थी, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा था और कई बार आपसी कहासुनी भी हो जाती थी। इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम प्रधान द्वारा प्रशासन को अवगत कराया गया था। जिसमें ग्राम प्रधान के आग्रह पर तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और संबंधित भूमि की विधिवत पैमाइश की। प्रशासनिक अधिकारियों में राजस्व अभिलेखों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की और पानी की निकासी के लिए निर्धारित रास्ते को चिन्हित किया। इसके बाद मौके पर ही अवैध अतिक्रमण को हटवाते हुए रास्ता पूरी तरह साफ करा दिया गया। इस दौरान गांव के कई जिम्मेदार लोग और ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की मौजूदगी में पूरे मामले को शांतिपूर्वक सुलझाया गया, जिससे किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न नहीं हुआ। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्ग या जल निकासी के रास्ते पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। अब पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सकेगी और गांव में जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि प्रशासन की निष्पक्ष पैमाइश से सभी पक्ष संतुष्ट हैं। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे भविष्य में सार्वजनिक रास्तों और नालियों पर अतिक्रमण न करें, ताकि ऐसी समस्याएं दोबारा उत्पन्न न हों। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र में अन्य समस्याओं का भी समय-समय पर समाधान किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद गांव में जल निकासी का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे जल्द ही पूरे क्षेत्र को इस समस्या से पूर्ण रूप से राहत मिलने की उम्मीद है इस मौके के पर काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


