(फुरकान अंसारी)

हरिद्वार, 9 फरवरी 2026।जन अधिकार पार्टी (ज.) हरिद्वार के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाध्यक्ष रुड़की एवं हरिद्वार के नेतृत्व में प्रदेश में लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार के विरोध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की के माध्यम से माननीय राज्यपाल को भेजा ज्ञापन । ज्ञापन में विभिन्न विभागों में व्याप्त अनियमितताओं पर रोक लगाए जाने की सशक्त मांग की गई।

पार्टी पदाधिकारियों ने अवगत कराया कि कलियर से बढ़ेड़ी के बीच निर्माणाधीन नेशनल हाईवे में निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए मिट्टी के स्थान पर अवैध रूप से रेत का प्रयोग किया जा रहा है। यह रेत आसपास की नदियों से लाकर डाली जा रही है, जिससे पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही है। प्रतिनिधि मंडल ने मांग की कि उक्त कार्य की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच पूर्ण होने तक निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

दूसरे मामले में पार्टी ने डीपीआरओ अतुल सिंह, हरिद्वार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ग्राम माधोपुर हजरतपुर, ब्लॉक रुड़की की ग्राम प्रधान कुं. अफरीन द्वारा गांव में कराए गए विकास कार्यों में हुई अनियमितताओं एवं सरकारी धन के गबन-दुरुपयोग की जांच में साठ-गांठ कर गलत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। आरोप है कि डीपीआरओ एवं सहायक विकास अधिकारी ने मिलकर तथ्यों को दबाया। जन अधिकार पार्टी ने ऐसे भ्रष्ट अधिकारी एवं उनके साथ शामिल कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

जिलाध्यक्ष ने एचआरडीए (HRDA) पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला निर्माण कार्यों के लिए राजन कुमार (आयु 55 वर्ष से अधिक) की नियुक्ति नियमों के स्पष्ट उल्लंघन में की गई है। इस नियुक्ति से संबंधित आयु प्रमाण, नियुक्ति आदेश एवं प्रतिनियुक्ति से जुड़े सभी अभिलेखों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा नियम विरुद्ध की गई नियुक्ति को तत्काल निरस्त किया जाए। इस अवैध नियुक्ति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एचआरडीए वीसी सोनिका मीणा को लिखित शिकायत दिए जाने के बावजूद उक्त अधिकारी को पद से नहीं हटाया गया, जो प्रकरण की गंभीरता को दर्शाता है। पार्टी ने इस मामले में भी उपाध्यक्ष के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

इसके अतिरिक्त, एचआरडीए अधिकारी प्रशांत सेमवाल पर गलत तरीके से नक्शे पास कर अवैध निर्माण कराने के आरोप लगाए गए। बताया गया कि पूर्व में भी उन पर ऐसे गंभीर आरोप लगे थे और जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद उन्हें निलंबित नहीं किया गया। आरोप है कि एचआरडीए उपाध्यक्ष सोनिका मीणा द्वारा उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। पार्टी ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जन अधिकार पार्टी के दर्जनों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

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