हरिद्वार। जिला अस्पताल के पोस्ट-मार्टम कक्ष में एक मृतक के शव की आंख को चूहों द्वारा कुतरने की शर्मनाक घटना ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इस अमानवीय और असंवेदनशील घटना पर जन अधिकार पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी ने तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक शव का अपमान नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली की “पूर्ण प्रशासनिक विफलता” का जीवंत उदाहरण है।उन्होंने बताया कि यह पहली घटना नहीं है — इससे पूर्व भी जिला अस्पताल में शवों के सड़ने, शीतगृह की कमी तथा प्रबंधन की लापरवाही के कई मामलों पर पार्टी पदाधिकारियों ने सीएमएस को शिकायतें सौंपी थीं, लेकिन किसी भी स्तर पर सुधार नहीं किया गया।मुख्य लापरवाहियाँ हुईं उजागर —• पोस्ट-मार्टम कक्ष के दोनों फ्रीज़र लंबे समय से खराब पड़े थे, जिसके चलते शव को टेबल पर रखकर छोड़ दिया गया।• शव की सुरक्षा के लिए कोई जिम्मेदार कर्मचारी तैनात नहीं था।• प्रशासनिक उपेक्षा के कारण शव को संरक्षण के बुनियादी मानक भी उपलब्ध नहीं कराए गए।हेमा भंडारी ने कड़ा रोष जताते हुए कहा,“यह घटना किसी भी सभ्य समाज में अस्वीकार्य है। यह स्पष्ट करता है कि स्वास्थ्य मंत्री की निगरानी से लेकर अस्पताल प्रशासन तक गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। अब जवाबदेही तय होना आवश्यक है।”जन अधिकार पार्टी की प्रमुख मांगें —1. दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई तुरंत की जाए।2. स्वास्थ्य मंत्री इस घटना पर सार्वजनिक रूप से जवाबदेही स्वीकार करें।3. राज्य के सभी जिला अस्पतालों में पोस्ट-मार्टम कक्षों की मरम्मत, फ्रीज़र उपलब्धता, नियमित मेंटेनेंस और समय-समय पर निरीक्षण अनिवार्य किया जाए।4. मृतक के परिजनों को सम्मानजनक मुआवजा एवं आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।अंत में हेमा भंडारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जन अधिकार पार्टी जनता के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर राज्य-व्यापी आंदोलन करेगी।
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