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Uttarakhand Land Buying Rules: उत्तराखंड में जमीन खरीदने के लिए राज्य सरकार के बनाए नियमों को जानना बेहद जरूरी है. क्योंकि यहां बाहर के व्यक्ति को एक लिमिट तक ही भूमि खरीदने की अनुमति है. विशेषज्ञ बताते हैं कि सावधानियां न बरतने पर लैंड फ्रॉड का खतरा भी बढ़ जाता है. इसलिए आपको विशेष सतर्कता बरतनी होगी. जानिए कैसे आप बिना किसी धोखाधड़ी के पहाड़ों पर जमीन खरीद सकते हैं और क्या कहते हैं जमीन सम्बंधित ये नियम?
नैनीताल: अगर आप भी पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में अपना घर बनाने का सपना देख रहे हैं, तो उत्तराखंड में जमीन खरीदने के खास नियमों को जानना बेहद जरूरी है. यहां मैदानी इलाकों की तरह बीघा या गज में नहीं, बल्कि नाली नामक पारंपरिक माप इकाई में जमीन खरीदी–बेची जाती है. एक नाली लगभग 2100 स्क्वायर फीट के बराबर मानी जाती है, हालांकि यह माप क्षेत्र के अनुसार कुछ कम–ज्यादा हो सकता है. राज्य में बाहर का कोई व्यक्ति जमीन खरीद (Land Purchase Rules in Uttarakhand) सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ प्रतिबंध लागू होते हैं. नियमों के अनुसार, गैर-स्थानीय व्यक्ति अधिकतम 250 वर्ग मीटर तक आवासीय भूमि खरीद सकता है. इससे अधिक क्षेत्र लेने पर एसडीएम से विशेष अनुमति लेनी होती है. पहाड़ी जिलों में पर्यावरण संरक्षण और जनसंख्या संतुलन बनाए रखने के लिए यह नियम सख्ती से लागू किया जाता है.
नैनीताल जिला एवं सत्र न्यायालय के अधिवक्ता गौरव भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड सरकार ने जमीन खरीदने को लेकर कुछ मानक तय किए है, जिसके अनुसार यदि आप यहां के स्थाई निवासी हैं और साल 2003 से पहले आपके नाम की कोई जमीन पहाड़ में है तो आप उत्तराखंड में 250 नाली तक जमीन खरीद सकते हैं. वहीं उत्तराखंड के बाहर के निवासियों के लिए यदि उनके पास साल 2003 से पहले यहां कोई जमीन नहीं है, तो वो सिर्फ 250 वर्ग मीटर तक भूमि खरीद सकते हैं.
एडवोकेट गौरव भट्ट बताते हैं कि पहाड़ में लैंड फ्रॉड के कई मामले सामने आए हैं, ऐसे में यदि आप यहां जमीन खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी है, उन्होंने बताया कि आपको सबसे पहले भूमि की खतौनी को अच्छी तरीके से देखना होगा, जिस व्यक्ति से आप भूमि खरीद रहे हैं उसका नाम उस खतौनी में दर्ज हैं या नहीं ये देखना बेहद जरूरी है. इसके अलावा भूमि संबंधित जानकारी रखने वाले एडवोकेट और लोगों को खतौनी जरूर दिखाएं, वहीं जमीन खरीदने से पहले आपको पटवारी और अमीन को लेकर भूमि की पैमाईश जरूर करवानी चाहिए जिसके बाद आप उस प्रॉपर्टी में तारबाढ़ कर सकते हैं.
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नाली पद्धति में मिलती है जमीन
पहाड़ों में जमीन की नाप नाली में होती है. यह प्रथा सदियों से चली आ रही है, गौरव बताते हैं कि 1 नाली में 200 वर्ग मीटर जमीन होती है, साथ ही 2152 स्क्वायर फीट जमीन भी 1 नाली में होती है. वहीं 16 मुट्ठी जमीन के बराबार 1 नाली होता है. यदि आपको जमीन संबंधित जानकारी चाहिए तो आप अपनी तहसील के रिकॉर्ड् रजिस्टर से पिछले 12 और 20 सालों का रिकॉर्ड देख सकते हैं, जिसमें आपको साफ पता लग जाएगा कि कब और कितनी जमीन आपने बेची है और कितनी खरीदी है. जिसके बाद आप अपनी जमीन की पैमाईश करवा सकते हैं.
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं… और पढ़ें


