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Pain During Mountain Traveling: सर्दी का मौसम दस्तक दे चुका है. तापमान रात में 9 डिग्री तक चला जाता है. यहां तक कि पहाड़ों पर तो माइनस में भी तापमान दर्ज किया जाता है. ऐसे मौसम में फुरसत का पल आते ही लोग पहाड़ों की ओर रुख करने लगते हैं. इस समय शिमला-मनाली, मसूरी, नैनीताल जैसी पहाड़ी जगहों पर सैलानियों का तांता लगा हुआ है. पर पहाड़ों पर सर्द मौसम में जाने पर एक समस्या भी महसूस होती है वो यह कि गाड़ी में चलते हुए कानों में तेज दर्द उठ जाता है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह…
नैनीताल: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही पहाड़ों में घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है. मगर, तापमान गिरते ही यात्रियों को एक आम समस्या का सामना करना पड़ता है. यह समस्या है गाड़ी में चलते हुए कानों में तेज दर्द की.
डॉक्टर बताते हैं कि यह दर्द अचानक मौसम बदलने, तेज ठंड और ऊंचाई पर वायु दाब में होने वाले अंतर के कारण होता है. पहाड़ी रास्तों पर चढ़ाई के दौरान एयर प्रेशर तेजी से बदलता है, जिससे ईयरड्रम पर दबाव पड़ता है और दर्द शुरू हो जाता है. ठंडी हवा कानों के भीतर की नलियों को सिकोड़ देती है, जिससे यह समस्या और बढ़ जाती है.
नजरअंदाज करना हो सकता है घातक
डॉ. मोनिका बताती हैं कि कान के इस दर्द को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है. उन्होंने बताया कि सूजन के कारण यूस्टेशियन ट्यूब के ब्लॉक हो जाने से कान के पर्दे के पीछे तरल पदार्थ का जमाव हो सकता है. जो कान के पर्दे में अधिक प्रेशर डालता है. पर्दा फटने तक की नौबत आ सकती है. डॉक्टर सलाह देती हैं कि यदि एक दो बार कान में दर्द हो रहा है तो वो स्वाभाविक है, लेकिन यदि बार बार यही समस्या सामने आ रही है तो आपको जरूर ईएनटी सर्जन की सलाह लेनी चाहिए. अपने कान की जांच करवानी चाहिए.
इस तरह बचें दर्द
डॉक्टर मोनिका बताती हैं कि कुछ उपाय अपनाकर पहाड़ों में यात्रा के दौरान बचा जा सकता है. उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान इस दर्द से राहत पाने के लिए च्युइंग गम, इलायची चबाना, जम्हाई लेना या गर्म सेंक जैसे उपाय अपनाने चाहिए. कान के प्रभावित हिस्से पर गर्म, नम कपड़ा रखने से दर्द और सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा आप घर से निकलने से पहले भाप ले सकते हैं. यह नाक और गले के मार्ग को खोलने और कान का दबाव कम करने में सहायक हो सकता है.


