फुरकान अंसारी।
हरिद्वार, 31 अक्टूबर 2026। कुंभ मेला-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन की तैयारियों के बीच धर्मनगरी हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए धार्मिक संस्थाओं और आमजन की सहभागिता लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी भावना के साथ शनिवार को मिश्री मठ, हरिद्वार की ओर से गंगा सेवा कार्यक्रम के तहत हरकी पैड़ी क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। अभियान में हजारों लोगों ने उत्साह के साथ भाग लेकर गंगा घाटों की स्वच्छता का संकल्प दोहराया।

इस अभियान में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका के नेतृत्व में मेला प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। मेलाधिकारी स्वयं सफाई कार्य में उतरीं और मिश्री मठ के अनुयायियों के साथ मिलकर श्रमदान किया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी सफाई अभियान में सहभागी बनते हुए एकत्रित कूड़े-कचरे को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने और उसके सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था में सहयोग किया। प्रशासनिक अधिकारियों को आमजन के साथ कतारबद्ध होकर सफाई करते देख अभियान में सामूहिक सहभागिता का भाव स्पष्ट दिखाई दिया।

कार्यक्रम में नगर आयुक्त श्री नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती और उप मेलाधिकारी श्री मनजीत सिंह सहित मेला अधिष्ठान के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी श्रमदान किया।

इस अवसर पर मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने नया उदासीन अखाड़ा के अध्यक्ष श्री महंत धूनी दास जी महाराज तथा मिश्री मठ के मठाधिपति महामंडलेश्वर श्री करौली शंकर महाराज से भेंट की। उन्होंने गंगा सेवा और स्वच्छता के इस पुनीत कार्य के आयोजन तथा इसमें हजारों लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए दोनों संतों एवं मिश्री मठ के अनुयायियों का आभार व्यक्त किया।

मेलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मां गंगा के घाटों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना हम सभी का साझा दायित्व है। कुंभ मेला-2027 में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। ऐसे में स्वच्छता को केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी का विषय बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संत समाज, धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से हरिद्वार को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के प्रयासों को और गति मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि कुंभ की तैयारियों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। गंगा घाटों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे कार्यों को जनसहयोग से और प्रभावी बनाया जा सकता है।

Share.
Leave A Reply