फुरकान अंसारी।

कलियर। पिरान कलियर शरीफ उर्स मेले में हरिद्वार पुलिस और नेक्सोरा टेक्नोलॉजी की स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम की पहल रंग लाई। भीड़भाड़ के बीच परिवार से बिछड़े 23 बच्चों को सुरक्षित उनके माता-पिता और अभिभावकों से मिलाया गया। इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने 11 सितंबर को स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के आदेश एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी भगवानपुर के पर्यवेक्षण में उर्स मेले के दौरान श्रद्धालुओं और आमजन की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बच्चों के अपने परिजनों से बिछड़ने की आशंका के मद्देनजर हरिद्वार पुलिस ने नेक्सोरा टेक्नोलॉजी की Smart Safety Tag टीम के सहयोग से QR कोड आधारित स्मार्ट सेफ्टी टैग व्यवस्था लागू की।

 

इस व्यवस्था के तहत परिवार से बिछड़े बच्चों की पहचान करने और उनके परिजनों से तत्काल संपर्क स्थापित करने में पुलिस एवं स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम को प्रभावी मदद मिली। QR कोड स्कैन कर बच्चे के परिजनों से संपर्क स्थापित किया गया, जिससे बिछड़े बच्चों को शीघ्र और सुरक्षित रूप से उनके परिवार तक पहुंचाने में सहायता मिली।

 

पुलिस के अनुसार, स्मार्ट सेफ्टी टैग की यह व्यवस्था बड़े धार्मिक एवं सार्वजनिक आयोजनों में पुलिस हेल्प डेस्क, खोया-पाया केंद्र और स्वयंसेवी तंत्र के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए धार्मिक मेले, कुंभ, तीर्थयात्राओं, पर्यटन स्थलों, मंदिर-दरगाह परिसरों, स्कूलों, शैक्षिक यात्राओं और अन्य भीड़भाड़ वाले आयोजनों में भी इसका उपयोग किया जा सकता है।

 

उर्स मेले के दौरान 23 बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाने में मिली सफलता की आमजन और बच्चों के परिजनों ने सराहना की। परिजनों ने हरिद्वार पुलिस एवं स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम का आभार जताया। जनसेवा के प्रति समर्पित इस प्रयास की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

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