फुरकान अंसारी।
हरिद्वार। ओबीसी विभाग, हरिद्वार के संयोजन में मध्य हरिद्वार स्थित कार्यालय पर पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान कांग्रेसजनों ने राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोम त्यागी और मनोज सैनी ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी को देश को 21वीं सदी के लिए तैयार करने वाले दूरदर्शी नेता के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने युवा शक्ति, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, दूरसंचार और प्रशासनिक आधुनिकीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल कीं। 61वें संविधान संशोधन के माध्यम से मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई, जिससे देश के करोड़ों युवाओं को लोकतंत्र में प्रत्यक्ष भागीदारी का अधिकार मिला।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के माध्यम से शिक्षा में गुणवत्ता, विज्ञान और आधुनिकता पर जोर दिया गया। इसी दौर में जवाहर नवोदय विद्यालयों की शुरुआत हुई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के अवसर मिले। कंप्यूटरीकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देकर राजीव गांधी ने भारत को बदलते तकनीकी दौर के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष विकास चंद्रा और रानीपुर विधानसभा अध्यक्ष नंदलाल यादव ने कहा कि राजीव गांधी ने पंचायती राज और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। उनकी विकेंद्रीकरण की सोच ने आगे चलकर 73वें और 74वें संविधान संशोधनों का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड तथा 1985 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की स्थापना जैसी पहल शिक्षा के क्षेत्र में उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।
एससी विभाग के प्रदेश कॉर्डिनेटर अक्षय नागपाल और जिला प्रवक्ता अमित अवस्थी ने कहा कि राजीव गांधी के कार्यकाल में सी-डॉट, एमटीएनएल और स्वदेशी डिजिटल टेलीफोन एक्सचेंज जैसी तकनीकी पहलों को बढ़ावा मिला। दूरसंचार के विस्तार के साथ पेयजल, टीकाकरण, साक्षरता, तिलहन उत्पादन और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी मिशन के माध्यम से विज्ञान एवं तकनीक को आमजन की समस्याओं के समाधान से जोड़ने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि 52वें संविधान संशोधन, 1985 के माध्यम से दल-बदल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसका उद्देश्य निर्वाचित प्रतिनिधियों के बार-बार दल बदलने पर अंकुश लगाना और लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्थिरता बनाए रखना था।
विवेक त्यागी और रजत त्यागी ने कहा कि राजीव गांधी की सबसे बड़ी पहचान उनकी दूरदर्शी सोच थी। उन्होंने उस दौर में कंप्यूटर, विज्ञान, आधुनिक शिक्षा, दूरसंचार और युवा शक्ति की बात की, जब देश में सामान्य टेलीफोन कनेक्शन तक आसानी से उपलब्ध नहीं थे। आज भारत आईटी, सॉफ्टवेयर, डिजिटल अर्थव्यवस्था और दूरसंचार के क्षेत्र में जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसकी आधारभूमि तैयार करने वाले महत्वपूर्ण दौर में राजीव गांधी का नेतृत्व भी उल्लेखनीय रहा।
श्रद्धांजलि सभा में सोम त्यागी, मनोज सैनी, विकास चंद्रा, अक्षय नागपाल, नंदलाल यादव, अमित अवस्थी, जावेद आलम, विवेक त्यागी, रजत त्यागी, आनंद राठौड़, शिवम वाल्मीकि, राजबीर सैनी, सूर्या, जवाहर चावला, कमल सैनी, सोमपाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


