फुरकान अंसारी।
हरिद्वार, 22 जुलाई। हरिद्वार पुलिस ने थाना पथरी क्षेत्र के शिवगढ़ स्थित मंदिर में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मंदिर की गद्दी को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद ने खूनी रूप ले लिया और इसी रंजिश में दो साधुओं की हत्या कर उनके शव आश्रम परिसर में गड्ढा खोदकर दफना दिए गए। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस और मुखबिर तंत्र की सहायता से हत्याकांड का सफल अनावरण किया।
पुलिस के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को पंकज निवासी ऐथल, थाना पथरी ने थाना पथरी पहुंचकर दो साधुओं की हत्या की सूचना दी। शिकायत के आधार पर थाना पथरी में मु.अ.सं. 366/26 के तहत धारा 103(1) एवं 238(ए) भारतीय न्याय संहिता (BNS) में मुकदमा दर्ज किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया तथा आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।
जांच के दौरान पुलिस ने मंदिर परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ, घटनास्थल के आसपास की जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश मंदिर की गद्दी को लेकर हुए विवाद के कारण रची गई थी।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि मृतक पारसगिरी ने मृतक सेवागिरी को मंदिर की गद्दी का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था, जिससे आरोपी नाराज थे। इसी रंजिश में चारों आरोपियों ने देर रात पहले सेवागिरी की धारदार पत्थर (पाठल) से गला रेतकर हत्या की और बाद में पारसगिरी पर भी जानलेवा हमला कर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने आश्रम परिसर में गड्ढा खोदकर दोनों शवों को दफना दिया। घटना के साक्ष्य मिटाने के लिए हाल में फैले खून को साफ किया गया तथा खून से सना गद्दा जलाकर नष्ट कर दिया गया। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक प्रत्यक्षदर्शी को भी धमकाया और अपना मोबाइल व सिम तोड़कर कहीं दूर चले जाने की सलाह दी।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 22 जुलाई को काठा पीर के जंगल में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में अंकुर उर्फ अखिल गिरी (42 वर्ष), आशु (37 वर्ष) तथा राममिलन (38 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो फावड़े और एक पाठल भी बरामद किया है।
पुलिस ने बताया कि फरार चौथे आरोपी की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इस पूरे अभियान में थाना पथरी पुलिस, सीआईयू रुड़की तथा एसटीएफ एंटी नार्कोटिक्स कुमाऊं यूनिट की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


