फुरकान अंसारी।
हरिद्वार, 22 जुलाई। हरिद्वार पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली रानीपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त कार्रवाई में दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी की 25 मोटरसाइकिलें तथा कई वाहनों के पार्ट्स बरामद किए गए हैं। बरामद वाहनों में हरिद्वार के विभिन्न थाना क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद से चोरी की गई मोटरसाइकिलें भी शामिल हैं।
एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर रानीपुर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थलों का गहन निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी।
जांच के दौरान 21 जुलाई को पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर जमालपुर जाने वाले कच्चे रास्ते के पास से भव्य उर्फ भोला और सुधीर कुमार को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से औद्योगिक क्षेत्र से चोरी की गई एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे हरिद्वार, ऋषिकेश, बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों से मोटरसाइकिलें चोरी कर उन्हें कम कीमत पर बेच देते थे। जो वाहन नहीं बिकते थे, उन्हें खोलकर उनके पार्ट्स अलग-अलग बेच दिए जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों में से एक मोटर मैकेनिक है, जो चोरी की गई बाइकों के पार्ट्स निकालकर बेचने का काम करता था। दोनों चोरी से हुई कमाई को आपस में बराबर बांटते थे।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दादूपुर गोविंदपुर स्थित एक खंडहर में छापेमारी कर 24 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें और बड़ी मात्रा में वाहन के पार्ट्स बरामद किए। बरामद वाहनों में कोतवाली रानीपुर, ज्वालापुर, नगर कोतवाली, थाना सिडकुल, मंगलौर तथा उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद से चोरी किए गए वाहन शामिल हैं। अन्य बरामद वाहनों के संबंध में भी पुलिस जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी निवासी बिजनौर के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार भव्य पहले भी वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका है और नशे का आदी है।
इस कार्रवाई में कोतवाली रानीपुर पुलिस एवं सीआईयू हरिद्वार की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में वाहन चोरी और संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


