फुरकान अंसारी ।
हरिद्वार,04/06/2026 ।लक्सर/ पथरी क्षेत्र के जंगल में स्थित प्रसिद्ध काठे पीर मेले के समापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मेले की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर ठेकेदार और प्रशासन के बीच मतभेद सामने आए हैं। इस पूरे मामले पर लक्सर तहसील परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान डायरेक्टर वारिस अहमद ने अपना पक्ष रखते हुए स्थिति स्पष्ट की। वारिस अहमद ने बताया कि काठे पीर का वार्षिक मेला 31 मई से विधिवत शुरू हुआ था और प्रशासन द्वारा जारी अनुमति के अनुसार इसका समापन 4 जून को होना निर्धारित किया गया था। मेले के दौरान बड़ी संख्या में जयरीन और व्यापारी पहुंचे मेले के ठेकेदार की ओर से प्रशासन से मेले की अवधि कुछ दिन और बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। ठेकेदार का तर्क था कि मेले में छीड़ छाड़ का माहौल बना हुआ है। और व्यापारियों को भी लाभ नही मिल रहा है। इसलिए समय बढ़ाया जाना चाहिए। वारिस अहमद ने बताया कि इस संबंध में हरिद्वार लक्सर के (डीएम) से बातचीत की गई लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि मेले की अवधि नहीं बढ़ाई जाएगी और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 जून को ही मेले का समापन होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का निर्णय सर्वोपरि है। और सभी संबंधित पक्षों को उसका सम्मान करना चाहिए। प्रशासन द्वारा जारी आदेशों का पालन करते हुए मेले का समापन निर्धारित तिथि पर किया जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान वारिस अहमद ने कहा कि मेले का आयोजन वर्षों से धार्मिक आस्था और परंपरा के तहत किया जाता रहा है। इस बार भी मेले में हजारों जयरीनो ने पहुंचकर काठे पीर दरगाह पर चादरपोशी की और देश प्रदेश की खुशहाली के लिए दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान सुरक्षा साफ सफाई बिजली और पेयजल जैसी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया। प्रशासन और आयोजन समिति के सहयोग से पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाएगा। वारिस अहमद ने अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए और सभी लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उधर मेले की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। कुछ व्यापारी और मेले से जुड़े लोग समय बढ़ाने के पक्ष में हैं। जबकि प्रशासन कानून व्यवस्था और अनुमति की शर्तों का हवाला देकर तय समय पर समापन कराने के निर्णय पर अडिग है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है। कि मेले के आयोजन की अनुमति निर्धारित अवधि के लिए ही दी गई थी। ऐसे में समय बढ़ाने से कई प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं। फिलहाल प्रशासन के स्पष्ट रुख के बाद यह तय हो गया है। कि काठे पीर मेले का समापन 4 जून को ही होगा। इसके साथ ही कई दिनों से चल रहा विवाद भी समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है। मेले के समापन को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति के बीच लगातार समन्वय बना हुआ है। ताकि अंतिम दिन की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संपन्न कराई जा सकें। क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब मेले के अंतिम कार्यक्रमों पर टिकी हुई हैं।


