हरिद्वार, 25 फरवरी 2026।जनगणना 2027 के संबंध में कार्यशाला आयोजित।

अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी. आर. चौहान की अध्यक्षता में विकास भवन ऑडिटोरियम, हरिद्वार में वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित जनगणना के संबंध में एक कार्यशाला आयोजित की गई।

जनपद हरिद्वार में दिनांक 25 फरवरी 2026 को समस्त जनगणना संबंधित अधिकारियों, चार्ज जनगणना अधिकारियों, अतिरिक्त चार्ज अधिकारियों एवं अन्य कर्मचारियों को जनगणना कार्य निदेशालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, उत्तराखंड देहरादून के प्रतिनिधियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण दल में संजीव कुमार (सहायक निदेशक), नीरज कुमार (सांख्यिकी अन्वेषक), तथा अमीर आलम (सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-॥) शामिल रहे।

प्रशिक्षण में बताया गया कि आगामी जनगणना 2027 कई दृष्टियों से ऐतिहासिक होगी, क्योंकि यह पहली बार पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी। जनगणना कार्य पूर्णतः मोबाइल एप्लिकेशन आधारित होगा। प्रगणक (Enumerator) एवं पर्यवेक्षक (Supervisor) अपने स्वयं के मोबाइल फोन के माध्यम से आंकड़ों का संकलन करेंगे। साथ ही, संपूर्ण संचालन, पर्यवेक्षण एवं प्रबंधन हेतु ‘जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS)’ का उपयोग किया जाएगा, जिसे इस बार जनगणना का “मस्तिष्क” कहा जा सकता है।

जनगणना के चरण

प्रथम चरण: मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना

राज्य में प्रथम चरण का कार्य 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक प्रस्तावित है। यह कार्य घर-घर जाकर क्षेत्रीय सर्वेक्षण के रूप में किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, स्व-गणना (Self Enumeration) की अवधि 10 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक प्रस्तावित है। इस सुविधा के अंतर्गत परिवारों को पहली बार वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। तत्पश्चात प्रगणक द्वारा उक्त विवरण का सत्यापन किया जाएगा।

द्वितीय चरण: जनसंख्या गणना

द्वितीय चरण 09 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होगा।

उत्तराखंड राज्य के हिमाच्छादित क्षेत्रों हेतु विशेष प्रावधान के अंतर्गत जनसंख्या गणना का कार्य 11 सितम्बर 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक किया जाना प्रस्तावित है।

प्रशासनिक संरचना एवं दायित्व

जनपद की प्रत्येक तहसील एवं नगर को एक विशिष्ट जनगणना चार्ज के रूप में चिन्हित किया जाएगा। प्रत्येक चार्ज में एक चार्ज अधिकारी नामित किया जाएगा, जो जनगणना कार्य का प्रमुख दायित्व निभाएगा।

चार्ज अधिकारी की मुख्य जिम्मेदारियाँ निम्नवत होंगी—

पेन मैपिंग ऐप एवं क्रिएटर ऐप के माध्यम से जियो-टैगिंग कर हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का निर्माण।

सीमाओं (Boundaries) का निर्धारण एवं सत्यापन।

हाउस लिस्टिंग एवं जनसंख्या गणना कार्य की निगरानी।

वेब पोर्टल एवं CMMS के माध्यम से संपूर्ण प्रबंधन एवं पर्यवेक्षण।

फील्ड कार्य की समयबद्धता, पूर्ण कवरेज एवं आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करना।

जमीनी स्तर पर जनगणना कार्य के सफल क्रियान्वयन में चार्ज अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। शत-प्रतिशत डिजिटल प्रणाली लागू होने से डेटा की गुणवत्ता, सटीकता एवं त्वरित संकलन में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है, जिससे यह जनगणना पूर्ववर्ती जनगणना की तुलना में अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी होगी।

जनपद स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण में  फिंचाराम चौहान (अपर जिलाधिकारी प्रशासन, हरिद्वार), पी.एल. शाह (नगर आयुक्त, कोटद्वार), नगर आयुक्त रुड़की, संजीव कुमार (सहायक निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय), उत्तम सिंह (सहायक भूलेख अधिकारी), गीरज कुमार (सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-2), अमीर आलम (सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-॥) सहित जनपद के सभी जनगणना चार्ज अधिकारी, अतिरिक्त चार्ज अधिकारी एवं सहायक उपस्थित रहे।

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