(फुरकान अंसारी)

 हरिद्वार, 08 जनवरी। जिला हरिद्वार में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री आमजन और पक्षियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। अब तक इस घातक मांझे की चपेट में आकर अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। जबकि कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ चुकी है। बसंत त्यौहार नजदीक आने से पतंगबाज चाइनीज मांझे का इस्तेमाल कर रहे हैं उसी मौत के मांझे में उलझे पक्षी पेड़ों पर लटके देखे जा रहे हैं। इसके बावजूद भी चाइनीज मांझे की बिक्री और भंडारण पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 

 

इस्लामिया कादरी ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबर खान ने चाइनीज मांझे की बिक्री पर विचार व्यक्त करते हुए मीडिया के समक्ष कहा कि बीते वर्षों में वह जिलाधिकारी एवं प्रभागीय वनाधिकारी, हरिद्वार वन प्रभाग को पत्र प्रेषित कर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के अनुपालन में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री व भंडारण करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन इस मौत के समान पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। विभागों की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण सड़को पर इंसानों और पेडों पर पक्षियों को चाइनीज मांझे से अपनी जान गंवानी पड़ रही हैं, जो अफसोस और चिंताजनक है। 

 

 उन्होंने मांग करते हुए कहा कि

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के अनुपालन में चाइनीज मांझे की बिक्री और भंडारण पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए, जो जनहित एवं पर्यावरण हित में अत्यंत आवश्यक है।

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