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Dehradun News: जौनसार-बावर के बिजनू बिजनाड गांव में इस बार बूढ़ी दीवाली के दौरान सालों पुरानी परंपरा टूट गई. पहली बार दलित परिवारों ने अपनी बिरादरी का अलग स्याणा चुना और उसे काठ के हाथी पर बैठाकर घुमाया. ब्रिटिश काल से चली आ रही इस प्रथा में पहली बार बदलाव देखने को मिला.

अंग्रेजों के जमाने का रिवाज टूटा! दलित परिवारों ने पहली बार चुना अपना मुखियाजौनसार-बावर में जश्न (फाइल फोटो)

देहरादून: उत्तराखंड के जौनसार-बावर में इस बार बूढ़ी दीवाली के मौके पर कुछ अलग और अनोखा देखने को मिला. गांव के लोग अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही प्रथा में बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रहे थे, और इस बार वह बदलाव सच हुआ. लकड़ी के हाथी पर एक नई परंपरा निभाई गई, जो पहले कभी नहीं देखी गई थी. इस मौके ने समाज में बदलाव की उम्मीद जगाई और लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित भी किया.

हम बात कर रहे हैं जौनसार-बावर के बिजनू बिजनाड गांव की यहां के दलित परिवारों ने पहली बार अपनी बिरादरी का स्याणा यानी मुखिया खुद चुना. इसे स्थानीय भाषा में स्याणा या फिर सयाना भी कहते हैं, जो गांव का पारंपरिक मुखिया होता है. जिसे सांस्कृतिक, सामाजिक के साथ ही गांव समाज के हित में फैसले लेने का अधिकार होता है.

पहली बार गांव में चुने गए दो स्याणा
दरअसल, इस गांव में पहले केवल एक स्याणा ही चुना जाता था. जो कि संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता था. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ बल्कि यहां के दलित परिवारों ने अपनी अलग पहचान बनाने का फैसला किया. जहां 13 परिवारों ने पारंपरिक स्याणा को चुना, जबकि 35 दलित परिवारों ने नया स्याणा सुनील कुमार का चयन किया. दोनों स्याणा को बूढ़ी दीवाली पर लकड़ी के हाथी पर बिठाकर घुमाया गया, जिससे गांव में पहली बार दो स्याणा होने का दृश्य देखने को मिला.

प्रशासन का मिला पूरा सहयोग
इस नई व्यवस्था और स्याणा को काठ के हाथी पर घुमाने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा मांगी थी. डीएम, एसडीएम और बीडीओ की मौजूदगी में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ. पुलिस-प्रशासन की टीम भी गांव में रही, ताकि कोई समस्या न हो.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं… और पढ़ें

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अंग्रेजों के जमाने का रिवाज टूटा! दलित परिवारों ने पहली बार चुना अपना मुखिया

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