स्वामी रामदेव बोले- आचार्यकुलम् विश्व का विशिष्ट शिक्षण संस्थान, यहां विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के सर्वोत्कृष्ट मूल्य विद्यमान,
आचार्य बालकृष्ण ने कहा- वार्षिकोत्सव पतंजलि परिवार के राष्ट्रोत्थान यज्ञ और शैक्षिक दृष्टि की झांकी मात्र है।
फुरकान अंसारी।
हरिद्वार, 03 नवंबर। परमपूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज एवं परमश्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज द्वारा स्थापित आवासीय शिक्षण संस्थान आचार्यकुलम् का 14वां वार्षिकोत्सव मंगलवार को हर्षोल्लास एवं भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह की थीम ‘संकल्प से सिद्धि’ रही। विद्यार्थियों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्वामी रामदेव जी महाराज ने कहा कि आचार्यकुलम् विश्व का एक विशिष्ट शिक्षण संस्थान है। यहां के विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के सभी मूल्य सर्वोत्कृष्ट रूप में विद्यमान हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन और संस्कारों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वहीं, आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने कहा कि आचार्यकुलम् का वार्षिकोत्सव पतंजलि परिवार के राष्ट्रोत्थान यज्ञ और उसकी शैक्षिक दृष्टि की एक झांकी मात्र है। कार्यक्रम में संकल्प के बल पर सफलता प्राप्त करने वाले प्रेरक व्यक्तित्वों के जीवन प्रसंगों के साथ पतंजलि के विभिन्न प्रकल्पों और भारतीय शिक्षा बोर्ड की शैक्षिक अवधारणा को प्रभावशाली मंचन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पतंजलि विश्वविद्यालय की प्रति-कुलपति साध्वी देवप्रिया जी, पतंजलि क्रय समिति की अध्यक्षा श्रीमती अंशुल जी एवं श्रीमती पारुल जी तथा भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एन.पी. सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों, आचार्यों और आचार्यकुलम् परिवार के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की।
मेधावी विद्यार्थियों को दो लाख रुपये के पुरस्कार
समारोह के दौरान सत्र 2025-26 में कक्षा 5 से 12 तक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वामी रामदेव जी महाराज ने कुल दो लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया। इसके साथ ही योग, क्रीड़ा एवं कला प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया। दिव्यांश और मधु को आदर्श विद्यार्थी सम्मान, धैर्य अग्रवाल एवं सरल को श्रेष्ठ सांस्कृतिक पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं, आपस सदन को विजेता तथा वायु सदन को उपविजेता घोषित किया गया। सर्वश्रेष्ठ कलाकृति निर्माण के लिए तनिष्का बिजल्वाण को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
पूर्व विद्यार्थियों ने साझा किए सफलता के अनुभव
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण आचार्यकुलम् के पूर्व विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। तन्वी राणा, दिव्यांशु यश, आयुष शर्मा, सुजाता, दरबारा सिंह, दिव्यांशु मोहन आर्य, आर्येश, स्वप्निल, यक्षराज सिंह, दान कौर, सुप्रज्ञ, माहिया, दृष्टि, आयुष कसाना एवं युवराज सहित अनेक पूर्व विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। इनमें से कई विद्यार्थी वर्तमान में एम्स (AIIMS), आईआईटी (IIT) सहित देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत हैं। उनकी उपलब्धियों ने वर्तमान विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर आचार्यकुलम् की उपाध्यक्षा डॉ. ऋतंभरा शास्त्री ‘बहन जी’, पतंजलि कैरियर अकादमी के प्रमुख प्रदीप जी, संस्थान की प्राचार्या श्रीमती स्वाति मुंशी, उप-प्राचार्य तापस कुमार बेरा, स्वामी बजरंगदेव जी, भगवान दादा जी, उदयवीर दादा जी, समन्वयिका श्रीमती दीपा जी, मुख्य छात्रावास अधीक्षक एवं क्रीड़ाध्यक्ष अमित जी सहित संन्यासीगण, आचार्यवृंद, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों और नेपाल से आए अभिभावकों ने भी सहभागिता की। पूरे पतंजलि परिवार की गरिमामयी उपस्थिति में वार्षिकोत्सव उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।


