लॉटरी में इनाम निकलने का झांसा देकर लोगों को बनाता था शिकार, छह बैंक खातों से जुड़े मिले 20 से अधिक साइबर शिकायतों के मामले।

फुरकान अंसारी।
मंगलौर (हरिद्वार)। हरिद्वार पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 80 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जुड़े मामले का खुलासा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में कोतवाली मंगलौर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 23 वर्षीय आरोपी आकाश कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में आरोपी के नाम से संचालित छह बैंक खातों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में साइबर धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है।

प्रतिबिम्ब पोर्टल से मिला साइबर ठगी के नेटवर्क का सुराग

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध की जांच के दौरान प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से एक संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी प्राप्त हुई। जांच में सामने आया कि बैंक खाता संख्या 57410110000747 के संबंध में विभिन्न राज्यों से 20 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज थीं। इसके बाद कोतवाली मंगलौर में मुकदमा अपराध संख्या 391/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66D में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

विवेचना के दौरान बैंक खाते से जुड़े खाताधारक की जानकारी जुटाई गई, जिसमें आकाश कुमार पुत्र वीरेन्द्र, निवासी गोपालपुर, उम्र 23 वर्ष का नाम सामने आया। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपी की भूमिका की पड़ताल की और उसे गिरफ्तार कर लिया।

छह बैंक खातों से 80 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी के नाम पर कुल छह बैंक खाते संचालित किए जा रहे थे। इन खातों के संबंध में गुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब समेत विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज पाई गईं।

जांच के दौरान इन छह बैंक खातों के माध्यम से 80 लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और धनराशि के लेन-देन की कड़ियों की भी जांच कर रही है।

लॉटरी और इनाम का लालच देकर बिछाता था ठगी का जाल

पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को फोन कॉल और अन्य माध्यमों से लॉटरी निकलने या इनाम मिलने का झांसा देता था। मोटी रकम अथवा आकर्षक इनाम का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था। इसके बाद साइबर ठगी के जरिए प्राप्त धनराशि को एटीएम से निकालकर अन्य लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया जाता था।

इस तरह आरोपी कथित तौर पर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों के माध्यम से इधर-उधर करता था, जिससे लेन-देन की कड़ियों का पता लगाना जांच का अहम हिस्सा बन गया।

छह बैंक पासबुक, छह एटीएम कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से छह बैंक पासबुक, छह एटीएम कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि साइबर ठगी के नेटवर्क से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा सकें।

साइबर अपराधियों के खिलाफ हरिद्वार पुलिस की कार्रवाई जारी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लॉटरी, इनाम या अन्य आकर्षक लाभ का लालच देने वाले फोन कॉल और संदेशों से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें और साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।

गिरफ्तार आरोपी: आकाश कुमार पुत्र वीरेन्द्र, निवासी गोपालपुर, उम्र 23 वर्ष।

बरामदगी:

– छह बैंक पासबुक
– छह एटीएम कार्ड
– दो मोबाइल फोन

कार्रवाई करने वाली टीम: कोतवाली मंगलौर पुलिस, हरिद्वार।

Share.
Leave A Reply