फुरकान अंसारी।
हरिद्वार, 18 अक्टूबर। पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार की ओर से बहादराबाद क्षेत्र के पांच गांवों में आयोजित चार दिवसीय निःशुल्क योग शिविरों का रविवार को यज्ञ, मंत्रोच्चार और सामूहिक संकल्प के साथ समापन हुआ। 15 से 18 अक्टूबर तक चले इस अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को योग, प्राणायाम, एक्यूप्रेशर, आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व से परिचित कराया गया। यह पहल स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के योगमय जीवन के मिशन को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही।

विश्वविद्यालय की प्रति-कुलपति साध्वी डॉ. देवप्रिया की प्रेरणा तथा स्वामी आर्षदेव के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य भारतीय ऋषि परंपरा के स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान को ग्रामीण समुदाय तक पहुंचाना और लोगों को नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित करना रहा।

शिविरों का आयोजन खेड़ली गांव के आदर्श इंटर कॉलेज, बहादराबाद स्थित वात्सल्य वाटिका, अहमदपुर के नए पंचायत भवन, बोंगला के आर्य इंटर कॉलेज तथा रुहालकी के आर्य समाज मंदिर में किया गया। पतंजलि विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। साथ ही प्राणायाम की सही विधियों, एक्यूप्रेशर के महत्वपूर्ण बिंदुओं और आयुर्वेद की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों ने नियमित योगाभ्यास के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

अभियान के दौरान योग को केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित न रखते हुए उसे स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन जीने की समग्र पद्धति के रूप में प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को अपनी दिनचर्या में योग, प्राणायाम और स्वास्थ्यवर्धक आदतों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया। इस पहल से विद्यार्थियों को अपने अर्जित ज्ञान को समाज के बीच व्यावहारिक रूप से प्रस्तुत करने का अवसर भी मिला।

शिविरों के सफल आयोजन में स्थानीय ग्रामीणों और सहयोगकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। खेड़ली से सुशील चौहान एवं अमित राज चौहान, अहमदपुर से सुमित मंत्री, बोंगला से योगेश चौहान, रुहालकी से चंदर तथा बहादराबाद से बसंत जी ने विद्यार्थियों को आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन प्रदान किया।

योग विज्ञान विभाग के विद्यार्थी प्रियंका, शिवांशी, आईना, ईश्वरी, भक्ति, स्नेहा, अभिषेक, जतिन, अनन्या और हरि ने अपनी-अपनी टीमों के साथ विभिन्न गांवों में शिविरों का संचालन किया। वहीं, विभाग के डीन प्रो. डॉ. कृष्णन चांडक, समन्वयक डॉ. आरती पाल तथा संकाय सदस्य डॉ. सचिन भारद्वाज, डॉ. अंजली, डॉ. गुरमीत और डॉ. महिम तिवारी सहित अन्य शिक्षकों के सहयोग से अभियान के शैक्षणिक, व्यावहारिक और सामाजिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाया गया।

शिविरों के समापन अवसर पर ग्रामीणों ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं। मंत्रोच्चार और सामूहिक संकल्प के साथ जनकल्याण, सामाजिक सद्भाव, सकारात्मकता और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया गया। इस अभियान ने ग्रामीण क्षेत्रों में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और भारतीय ज्ञान परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।

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