फुरकान अंसारी।
हरिद्वार, 12 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार (सीसीआर) में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधार, जनहितकारी योजनाओं और युवाओं के हितों से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए भर्ती संबंधी नई नियमावली, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना, उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक-2026 और अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक-2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
बैठक में हरिद्वार स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। वहीं, बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा शामिल हुए। मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के बाद महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी मीडिया को दी।
प्राच्य शोध संस्थान का होगा विस्तार
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास और विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को बढ़ावा देना है।
जन विश्वास संशोधन विधेयक विधानसभा में होगा पेश
राज्य में व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहित करने के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था करने तथा अप्रचलित और अनावश्यक कानूनी प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लिए बनेगी नियमावली
कैबिनेट ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026 को मंजूरी दी। इसके माध्यम से बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग और विकास गतिविधियों को विनियमित करने की प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी। इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने के साथ जन-धन, संपत्ति और महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को संभावित नुकसान से बचाना है।
सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में मिलेगी छूट
राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार इस नियमावली में भर्ती प्रक्रिया के दौरान लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं। नई नियमावली पूर्व में लागू वर्ष 2025 की नियमावली का स्थान लेगी।
अग्निशमन एवं आपात सेवाओं के लिए नया कानून
प्रदेश में अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक-2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल-2019 के अनुरूप तैयार इस विधेयक में औद्योगिक विकास, बढ़ते शहरीकरण और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं एवं आपदाओं से निपटने के लिए मौजूदा कानून को संशोधित कर नया कानूनी ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी
प्रदेश के साहसी बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को प्रोत्साहन देने के साथ अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है।
215 पदों की निरंतरता बढ़ाने का निर्णय
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता एक मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पूर्व की भांति वेतन और मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की ओर से किया जाएगा।
हरिद्वार की आवासीय परियोजना को राहत
हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी दी गई। लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित परियोजना के लिए निर्धारित नौ मीटर चौड़े मार्ग के स्थान पर उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए तीन मीटर की छूट प्रदान की गई। यह परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना तथा केंद्र और राज्य सरकार की आवास नीति के अनुरूप प्रस्तावित है।
परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित अभिकरणों को
उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है। इससे परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
विधानसभा के तृतीय सत्र को बुलाने की मंजूरी
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी। सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।
संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों में संशोधन
उत्तराखंड वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड-1 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड को प्रतिस्थापित किया जाएगा। इससे विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।
ऊधमसिंह नगर में खसरा संख्या की त्रुटि सुधरेगी
ऊधमसिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को मंजूरी दी गई। शासनादेश में त्रुटिवश दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही संख्या 321/2अ अंकित की जाएगी।
प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का जताया आभार
कैबिनेट ने उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के अनुरूप केंद्र से निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई गई।

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