माटी कला बोर्ड को आयोग का दर्जा देने और कुंभकारों को राजनीतिक हिस्सेदारी देने की उठाई मांग
फुरकान अंसारी।
हरिद्वार। अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासंघ ने प्रजापति समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग की है। महासंघ के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र मनिनवाल ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि माटी कला से जुड़े शिल्पकारों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि शिल्पकला में दक्ष कुंभकारों को सोलर भट्टी योजना से जोड़ा जाए और उन्हें आधुनिक एवं बिजली से चलने वाले चाक उपलब्ध कराए जाएं। इससे कुंभकार अपने पारंपरिक व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित कर सकेंगे। उन्होंने माटी कला से जुड़े लोगों की समस्याओं का प्रत्येक स्तर पर अध्ययन कर उनके उत्थान के लिए प्रभावी योजनाएं लागू करने की मांग की।
डॉ. मनिनवाल ने माटी कला बोर्ड को आयोग का दर्जा देने की मांग करते हुए कहा कि कुंभकार समाज सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग है, इसलिए इसके विकास के लिए सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुंभकार समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय उसे राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा, जिला पंचायत और नगर निकायों में समाज की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग भी उन्होंने उठाई।
जातिगत जनगणना का समर्थन करते हुए डॉ. मनिनवाल ने कहा कि जनगणना प्रपत्र में जाति का स्पष्ट कॉलम होना चाहिए, ताकि समाज की वास्तविक सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का सही आंकलन हो सके। उन्होंने समाज के लोगों से अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
इस दौरान शिवकुमार, बालूराम, अतर सिंह, विनोद प्रजापति, राजाराम प्रजापति, राजेंद्र कश्यप, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोमपाल त्यागी और मनोज सैनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


