फुरकान अंसारी।
हरिद्वार। ज्वालापुर के पांडेवाला मैदान में श्री पंचायती धड़ा फिराहेडियान के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय गुघाल मेले के तीसरे दिन गुरुवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्राचीन सिद्धपीठ गोगा म्हाड़ी में पवित्र छड़ी की पूजा-अर्चना कर गोगा महाराज का आशीर्वाद लिया।
शास्त्रों एवं पंचांगों में गुघाल मेले में त्रयोदशी तिथि पर पवित्र छड़ी की पूजा-अर्चना करने तथा मनोकामना पूर्ण होने पर झंडा-निशान चढ़ाने का विशेष महत्व बताया गया है। इसी मान्यता के चलते गुरुवार सुबह से ही गोगा म्हाड़ी पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने व्यवस्थित रूप से पंक्तिबद्ध होकर बारी-बारी से दर्शन किए और प्रसाद चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मेले में महिलाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों और महिलाओं ने इलेक्ट्रॉनिक झूलों का आनंद लिया, वहीं लोगों ने टिक्की, चाट, गोलगप्पे, आइसक्रीम और जलेबी सहित विभिन्न व्यंजनों का स्वाद लिया। महिलाओं ने गृह उपयोगी सामान, साज-सज्जा एवं सौंदर्य प्रसाधन सामग्री की जमकर खरीदारी की। गुघाल मेले में विशेष रूप से बिकने वाले चकोतरे की भी लोगों ने खूब खरीदारी की।
देर रात तक मेले में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान राजनीतिक दलों से जुड़े जनप्रतिनिधियों और विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी मेले में पहुंचकर पवित्र छड़ी की पूजा-अर्चना की और गोगा महाराज का आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, हरिद्वार नगर निगम की मेयर किरण जैसल, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, प्रेस क्लब हरिद्वार के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनोज सैनी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोम त्यागी, गंगा सभा के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप झा, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रीकांत वशिष्ठ, पत्रकार अविक्षित रमन, भाजपा नेता अंकुर पालीवाल सहित अन्य गणमान्य लोगों ने मेले में पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
मेले में पहुंचे अतिथियों का स्वागत धड़ा पंचायत के अध्यक्ष सचिन कौशिक, मंत्री उमाशंकर वशिष्ठ, मेला संयोजक महेश तुम्बड़िया, कोषाध्यक्ष अनिल कौशिक, उपाध्यक्ष सुधीश श्रोत्रिय सहित उमेश कौशिक, अरुण श्रोत्रिय, मधुकांत श्रोत्रिय, चिराग वशिष्ठ, प्रदीप निगारे, रमाकांत मौलातिये, निर्मल गोस्वामी, रमाकांत जोशी और अनिरुद्ध वशिष्ठ ने किया।
Add A Comment


