फुरकान अंसारी।
हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में अस्थायी कर्मचारियों की दिन-रात चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारी कुलसचिव कार्यालय प्रांगण में धरने पर बैठे रहे। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता की जानी चाहिए।
कर्मचारियों के अनुसार, अंतरिम कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा द्वारा अस्थायी कर्मचारियों के लिए कथित रूप से की गई “केकड़ा” टिप्पणी, कुलसचिव द्वारा जारी “No Work, No Pay” आदेश (पत्रांक Reg/2026-27/2330) तथा कर्मचारियों के वेतन से संबंधित मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है।
धरना स्थल पर संघ के शाखा अध्यक्ष सोनू कुमार, शाखा महासचिव सुरेन्द्र कुमार, कोषाध्यक्ष सागर तेश्वर एवं शाखा संगठन महामंत्री नवदीप भारद्वाज ने कहा कि हड़ताल के दूसरे दिन भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कर्मचारियों के साथ वार्ता के लिए कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि लगातार वार्ता नहीं होने से कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है।
संघ ने रखीं प्रमुख मांगें
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में—
1. कथित “केकड़ा” टिप्पणी को लेकर कुलपति द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए तथा कुलसचिव द्वारा जारी “No Work, No Pay” आदेश वापस लिया जाए।
2. 10 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाए तथा 10 वर्ष से कम सेवा वाले कर्मचारियों को न्यूनतम ₹18,000 प्रतिमाह निश्चित वेतन दिया जाए।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।
सफाई व्यवस्था भी प्रभावित
अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के चलते विश्वविद्यालय की सफाई व्यवस्था मंगलवार को भी प्रभावित रही। कर्मचारियों ने कहा कि वे चाहते हैं कि प्रशासन जल्द वार्ता की पहल करे और समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से निकाला जाए।
राष्ट्रीय दलित पिछड़ा वर्ग संगठन ने दिया समर्थन
धरने को राष्ट्रीय दलित पिछड़ा वर्ग संगठन, गुरुकुल कांगड़ी शाखा के अध्यक्ष संजय कुमार, शाखा प्रभारी जॉनी टांक तथा महामंत्री आनंद सिंह ने समर्थन दिया।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि वे कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और प्रशासन से कर्मचारियों के साथ शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालने की मांग करते हैं।
छात्र प्रतिनिधियों ने भी किया समर्थन
छात्र नेताओं आशु मलिक एवं सोकेन्द्र बालियान ने भी धरनारत कर्मचारियों का समर्थन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि कर्मचारियों के साथ जल्द वार्ता शुरू कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय में लंबे समय तक टकराव की स्थिति बने रहना किसी के हित में नहीं है। प्रशासन और कर्मचारियों के बीच संवाद एवं सकारात्मक वार्ता के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र वार्ता शुरू नहीं होती और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं की जाती, तो छात्रों की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।
धरने में शाखा अध्यक्ष सोनू कुमार, शाखा महासचिव सुरेन्द्र कुमार, शाखा संगठन महामंत्री नवदीप भारद्वाज, छात्र नेता आशु मलिक एवं सोकेन्द्र बालियान, रविकांत मलिक, रजनीश भारद्वाज, संजय कुमार, जॉनी टांक, आनंद सिंह, दीपक वर्मा सहित 100 से अधिक कर्मचारी एवं समर्थक मौजूद रहे।


