फुरकान अंसारी।
हरिद्वार। बाल सुरक्षा को लेकर हरिद्वार पुलिस की ओर से लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने हर की पैड़ी, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में अभियान चलाकर छह बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इनमें कई बच्चे घर से बिना बताए हरिद्वार पहुंचे थे, जबकि कुछ बच्चे गंगा में खतरनाक तरीके से छलांग लगाकर यात्रियों द्वारा डाले गए सिक्के निकाल रहे थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देशन, पुलिस उपाधीक्षक रुड़की एवं नोडल AHTU ओशिन जोशी के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र रमोला के नेतृत्व में 22 सितंबर को AHTU टीम ने गुमशुदा एवं लावारिस बच्चों की तलाश, संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन और भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों की पहचान के लिए अभियान चलाया।

अभियान के दौरान पुलिस टीम ने छह बच्चों को रेस्क्यू किया। पूछताछ में सामने आया कि कई बच्चे काफी समय पहले अपने घर से बिना बताए हरिद्वार आ गए थे और यहां भिक्षा मांगकर, छोटे-मोटे काम कर अथवा गंगा से सिक्के निकालकर अपना जीवन यापन कर रहे थे।

रेस्क्यू किए गए बच्चों में 14 वर्षीय सनी निवासी लुधियाना, पंजाब करीब एक माह पहले घर से बिना बताए हरिद्वार आया था। वह गंगा में यात्रियों द्वारा डाले गए सिक्के निकालने और भंडारों में भोजन कर जीवन यापन कर रहा था। 15 वर्षीय लखन निवासी गोरखपुर, उत्तर प्रदेश करीब 15 दिन पहले घर से निकला था और सुभाष घाट के आसपास भिक्षुकों के साथ रह रहा था।

12 वर्षीय अजमत निवासी मुरादाबाद करीब एक माह पहले घर से बिना बताए हरिद्वार आया था और हर की पैड़ी क्षेत्र में यात्रियों से भिक्षा मांगकर जीवन यापन कर रहा था। वहीं 13 वर्षीय रयान निवासी मुरादाबाद गंगा पुल से गंगा में छलांग लगाकर सिक्के निकाल रहा था। पूछताछ में उसने भी करीब एक माह पहले घर से बिना बताए हरिद्वार आने की बात बताई।

13 वर्षीय शोभित निवासी मुरादाबाद घंटाघर के पास यात्रियों को गंगा से नारियल निकालकर दे रहा था। वह भी करीब एक माह पहले रेल के माध्यम से हरिद्वार पहुंचा था। इसके अलावा 12 वर्षीय हिमांशु रेलवे स्टेशन के आसपास छोटे-मोटे कार्य कर जीवन यापन कर रहा था। उसके माता-पिता और निवास के संबंध में तत्काल स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।

AHTU टीम ने सभी बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर प्रभारी निरीक्षक के समक्ष प्रस्तुत किया। आवश्यक विधिक कार्रवाई और काउंसलिंग के बाद सभी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति, रोशनाबाद के समक्ष पेश किया गया। समिति की काउंसलिंग एवं आवश्यक प्रक्रिया के बाद सभी बच्चों को आदेशानुसार खुला आश्रय गृह, कनखल में संरक्षण दिलाया गया।

AHTU टीम ने बच्चों के परिजनों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि हर की पैड़ी, गंगा घाटों, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे के आसपास यदि कोई लावारिस, गुमशुदा या संकट में बच्चा दिखाई दे तो तत्काल पुलिस अथवा AHTU हरिद्वार को सूचना दें।

रेस्क्यू अभियान में शामिल टीम: हे0का0 राकेश कुमार, हे0का0 बिना गोदियाल, का0चा0 दीपक चन्द, का0 मुकेश कुमार और म0का0 शशिबाला।

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