फुरकान अंसारी।
हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्धकुंभ मेले को लेकर तैयारियां तेज होने लगी हैं। इस भव्य धार्मिक आयोजन के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्नान पर्वों के सफल आयोजन को लेकर मेला प्रशासन की तैयारियां महत्वपूर्ण रहेंगी।
प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, अर्धकुंभ के दौरान मकर संक्रांति से लेकर चैत्र पूर्णिमा तक विभिन्न प्रमुख स्नान पर्व आयोजित होंगे। इनमें मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी, माघ पूर्णिमा, महाशिवरात्रि, फाल्गुन अमावस्या, देव डोली स्नान, नव संवत्सर, मेष संक्रांति, राम नवमी और चैत्र पूर्णिमा शामिल हैं।
अर्धकुंभ 2027 के प्रमुख स्नान पर्वों की तिथियां
– 14 जनवरी: मकर संक्रांति
– 6 फरवरी: मौनी अमावस्या
– 11 फरवरी: वसंत पंचमी
– 20 फरवरी: माघ पूर्णिमा
– 6 मार्च: महाशिवरात्रि
– 8 मार्च: फाल्गुन अमावस्या
– 15 मार्च: देव डोली स्नान
– 7 अप्रैल: नव संवत्सर
– 14 अप्रैल: मेष संक्रांति
– 15 अप्रैल: राम नवमी
– 20 अप्रैल: चैत्र पूर्णिमा
इन स्नान पर्वों के दौरान हरिद्वार के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे में यातायात व्यवस्था, घाटों पर सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देना होगा।


