कन्या पूजन के दौरान नारी सम्मान और सनातन संस्कृति पर दिया संदेश, बोले—बहन-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज की जिम्मेदारी।

फुरकान अंसारी।

हरिद्वार। पतंजलि योगपीठ में नवरात्रि की पूर्णाहुति के अवसर पर कन्या पूजन करते हुए योगगुरु स्वामी रामदेव ने नारी सम्मान, बेटियों की सुरक्षा, भ्रष्टाचार और गोहत्या जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने इन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कठोर कानून और त्वरित न्याय की आवश्यकता जताते हुए बलात्कारियों, भ्रष्टाचारियों और गोहत्यारों को फांसी देने की मांग की।

मीडिया से बातचीत में स्वामी रामदेव ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति प्रत्येक स्वरूप में भगवती के दर्शन करने की दिव्य दृष्टि प्रदान करती है। यह दृष्टि केवल कन्या पूजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समस्त सृष्टि में देवी के स्वरूप को देखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि जिसके भीतर ऐसी भावना होती है, वह दुराचार, अनाचार, व्यभिचार और भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों से दूर रहता है।

बेटियों के खिलाफ अपराधों पर जताई चिंता

स्वामी रामदेव ने छोटी-छोटी बच्चियों के साथ होने वाले दुष्कर्म और समाज में बढ़ती अश्लीलता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी ढंग से रोक लगनी चाहिए। उन्होंने दुष्कर्म के मामलों में कठोर सजा का प्रावधान करने और त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक व्यवस्था अपनाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में, जहां देवी भगवती की आराधना और नवरात्रि का विशेष महत्व है, वहां बच्चियों के साथ होने वाले अपराध देश को शर्मसार करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें किसी भी मां, बहन या बेटी के साथ अन्याय न हो और महिलाएं स्वयं को सुरक्षित महसूस करें।

नवरात्रि की पूर्णाहुति पर लिया जाए सुरक्षा का संकल्प

योगगुरु ने देशवासियों से आह्वान किया कि नवरात्रि की पूर्णाहुति केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न रहे, बल्कि इस अवसर पर प्रत्येक नागरिक महिलाओं और बच्चियों के सम्मान एवं सुरक्षा का संकल्प भी ले। उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों के प्रति सम्मान और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। ऐसा संकल्प सनातन संस्कृति की गरिमा और देश के गौरव को मजबूत करेगा।

भ्रष्टाचार और गोहत्या पर भी कठोर कार्रवाई की मांग

स्वामी रामदेव ने भ्रष्टाचार और गोहत्या के मुद्दे पर भी सख्त कार्रवाई की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि इन बुराइयों को समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। गो-संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और गोहत्या उनके अनुसार गंभीर पाप है।

उन्होंने अपने वक्तव्य में तीन मांगें रखते हुए कहा कि बलात्कारियों, भ्रष्टाचारियों और गोहत्यारों को फांसी दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने देश से दुष्कर्म और गोहत्या जैसी घटनाओं को समाप्त करने तथा समाज में सदाचार, पवित्रता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

स्वामी रामदेव का संदेश नवरात्रि के धार्मिक आयोजन को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने वाला रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नारी सम्मान, बच्चियों की सुरक्षा, भ्रष्टाचार पर अंकुश और गो-संरक्षण जैसे विषयों पर समाज को गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि देश में सुरक्षित और बेहतर सामाजिक वातावरण का निर्माण हो सके।

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