श्री देव सुमननगर की रामलीला में पहुंचे राव अफाक अली और मनोज धनगर, 20 वर्षों से निभा रहे सामाजिक सौहार्द की परंपरा।

फुरकान अंसारी।

हरिद्वार। श्री देव सुमननगर टिहरी विस्थापित कॉलोनी में पिछले 20 वर्षों से आयोजित हो रही रामलीला में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव अफाक अली और कांग्रेस के रानीपुर विधानसभा क्षेत्र के बीएचईएल क्षेत्र से भावी प्रत्याशी मनोज धनगर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर रामलीला मंच का उद्घाटन किया और भगवान श्रीराम के आदर्शों, उनके चरित्र तथा सामाजिक एकता का संदेश दिया।

इस अवसर पर राव अफाक अली और मनोज धनगर ने संयुक्त रूप से कहा कि श्रीराम भारतीय संस्कृति, मर्यादा और आदर्शों के प्रतीक हैं। उन्हें इमाम-ए-हिंद के रूप में भी सम्मान दिया जाता है। श्रीराम के अनुयायियों को उनके आदर्शों और चरित्र को अपने जीवन में उतारना चाहिए। केवल नारे लगाने से कोई श्रीराम का सच्चा भक्त नहीं बन सकता, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलकर ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा प्रकट की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आपसी प्रेम, भाईचारा, सम्मान और सद्भाव ही भारतीय संस्कृति की असली पहचान हैं।

मनोज धनगर ने कहा कि रामलीला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को मर्यादा, कर्तव्य, त्याग और नैतिकता का संदेश देते हैं। ऐसे आयोजन लोगों को आपस में जोड़ने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि देव सुमननगर में पिछले दो दशकों से लगातार रामलीला का आयोजन होना क्षेत्रवासियों की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक है। इस परंपरा को आगे बढ़ाने में रामलीला समिति और स्थानीय निवासियों की भूमिका सराहनीय है।

रामलीला के मंच पर इस दौरान सूर्पणखा प्रसंग का मंचन किया गया। प्रसंग में दिखाया गया कि सूर्पणखा ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता को परेशान किया तथा विवाह के लिए दबाव बनाया। समझाने के बावजूद जब वह नहीं मानी और माता सीता पर हमलावर हुई, तो लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी। इसके बाद सूर्पणखा विलाप करती हुई अपने भाइयों रावण और अन्य राक्षसों के पास पहुंची तथा श्रीराम और लक्ष्मण से अपमान का बदला लेने के लिए उन्हें उकसाया। इसके बाद रावण और उसके भाइयों ने श्रीराम और लक्ष्मण के विरुद्ध षड्यंत्र रचने की योजना बनानी शुरू कर दी। कलाकारों ने अपने अभिनय से प्रसंग को जीवंत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

राव अफाक अली ने कहा कि भारत की संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि पूरा संसार एक परिवार है। इसी भावना को मजबूत करते हुए वह पिछले 20 वर्षों से देव सुमननगर की रामलीला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “सुमननगर के निवासी मेरा परिवार हैं। मैं उनके सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ा रहा हूं और आगे भी जीवनभर उनके साथ रहूंगा। यहां के लोग भी मुझे अपने परिवार का सदस्य मानते हैं, यह मेरे लिए सम्मान और आत्मीयता की बात है।”

राव अफाक अली और मनोज धनगर की रामलीला में संयुक्त उपस्थिति को क्षेत्र में आपसी भाईचारे, सांप्रदायिक सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम एकता की मजबूत मिसाल के रूप में देखा गया। दोनों अतिथियों ने सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों तक प्रेम तथा एकता का संदेश पहुंचाने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष मस्तराम जोशी, महेश कुमार, विकास गोस्वामी, विनय जोशी, दीपक स्वरूप, मदन लाल, नरेश भट्ट, परिवेश पवार, देव सिंह, अजय पवार भंडारी और देवेंद्र सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। रामलीला के निर्देशक दिनेश लाल, संरक्षक मोहन सिंह रावत और मंच संचालक मनीष रावत ने मुख्य अतिथि राव अफाक अली, मनोज धनगर तथा पवन पाल, परवीन धनगर, साहिल कुरैशी, चांद कुरैशी और आबिद गुज्जर सहित सभी अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया।

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